भारतीय क्रिकेटर संजू सैमसन का इंटरनेशनल करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने के बावजूद उन्हें टीम में लगातार जगह नहीं मिल सकी, क्योंकि भारतीय टीम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार रही. कई बार ऐसा लगा कि उन्होंने अपनी जगह पक्की कर ली है, लेकिन बड़े टूर्नामेंट से पहले उन्हें बाहर भी होना पड़ा. हालांकि, हर बार उन्होंने मेहनत के दम पर शानदार वापसी की और खुद को पहले से ज्यादा मजबूत खिलाड़ी साबित किया.
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में संजू सैमसन ने बताया कि टी20 विश्व कप 2026 से पहले उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया था. उन्होंने कहा कि वह अब किसी तरह की ‘रैट रेस’ का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे. उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने खेल का आनंद लेने पर था. सैमसन ने कहा कि अब वह दूसरों की राय के बजाय अपने फैसलों पर भरोसा करते हैं और उसी तरीके से क्रिकेट खेलना चाहते हैं, जिससे उन्हें खुशी मिले.
टीम से बाहर होने के बाद की शानदार वापसी
टी20 विश्व कप 2026 से पहले संजू सैमसन भारत के नियमित ओपनर बन चुके थे. लेकिन शुभमन गिल की वापसी और बाद में ईशान किशन को मौका मिलने से उनका बल्लेबाजी क्रम बदल गया. इससे उनकी लय प्रभावित हुई और विश्व कप से पहले अंतिम टी20 सीरीज में खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें शुरुआती प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया. टूर्नामेंट की शुरुआत में भारत ने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी.
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनकर रचा इतिहास
जब भारतीय टीम टी20 विश्व कप से बाहर होने की कगार पर पहुंच गई, तब टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन को दोबारा मौका दिया और उन्हें फिर से ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी. इस अवसर का उन्होंने पूरा फायदा उठाया और लगातार तीन विस्फोटक पारियां खेलकर भारत को रिकॉर्ड तीसरा टी20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई. शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया. सैमसन ने कहा कि अब वह भविष्य की चिंता नहीं करते. उनका मानना है कि अगर टीम को उनकी जरूरत होगी और वह अच्छा खेलेंगे, तो मौके अपने आप मिल जाएंगे.