Vaishali Shaadi News: बिहार के वैशाली में एक दुल्हन दूल्हे से धमकी मिलने के बाद भड़क गई और उसने शादी करने से इनकार कर दिया. इस घटना के बाद बारातियों और घरातियों के बीच जमकर मारपीट हो गई. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले गई.
पुलिस स्टेशन पर दुल्हन की मौसी ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि वरमाला की रस्म के दौरान दूल्हे ने दुल्हन से कहा था कि शादी के बाद घर आना, मैं तुम्हें सीधा कर दूंगा. इस टिप्पणी के बाद दुल्हन गुस्से से आगबबूला हो गई और उसने उससे शादी करने से इनकार कर दिया.
दुल्हन के कमरे में घूस गए दूल्हे पक्ष के युवक
जंदाहा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत अरनिया गांव के रामचंद्र राम के बेटे कुंदन कुमार की शादी कुतुबपुर के विजय राम की बेटी मौसम कुमारी के साथ तय हुई थी. दूल्हा अपनी बारात लेकर पहुंचा और सब कुछ सुचारू रूप से चलता दिख रहा था. दूसरी तरफ वरमाला की रस्म की तैयारियां चल रही थीं, तभी अचानक दूल्हे पक्ष के कई युवक दुल्हन के कमरे में जबरन घुस गए. उन्हें बाहर जाने के लिए कहने के बावजूद उन्होंने निकलने से इनकार कर दिया. नतीजतन, उन युवकों को दुल्हन के कमरे से जबरदस्ती बाहर धकेल दिया गया.
बराती और घराती के बीच हुई मारपीट
बारात के साथ आए मेहमानों ने तब हिंसा शुरू कर दी. दोनों पक्षों के बीच भीषण झड़प हुई, जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए. कहासुनी के दौरान लाठियों और कुर्सियों का जमकर इस्तेमाल हुआ, जिसके परिणामस्वरूप कई कुर्सियां टूट गईं. इसके अलावा, बारात की एक बोलेरो, एक अर्टिगा और दो स्कॉर्पियो गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. हिंसा देखकर दूल्हा भड़क गया और वरमाला के दौरान उसके दुल्हन से कहा कि शादी के बाद घर आना और मैं तुम्हें सबक सिखाऊंगा.
दुल्हन ने शादी से किया इन्कार
इस बीच, हिंसा की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बिद्दूपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई. पुलिस द्वारा समझाने-बुझाने के बाद दूल्हा शादी करने के लिए मान गया. लेकिन दुल्हन ने उससे शादी करने से साफ इनकार कर दिया. इस पूरे मामले पर सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि यह विवाद तब शुरू हुआ, जब कुछ युवक दुल्हन के कमरे में घुस गए. एसडीपीओ ने इस बात की पुष्टि की कि दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया है और साथ ही यह भी कहा कि शादी के संबंध में अब अंतिम फैसला सामाजिक स्तर पर सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से लिया जाएगा.