Bihar Crime News: बिहार के रोहतास जिले में एक पारिवारिक विवाद का अंत दर्दनाक घटना के रूप में हुआ. पत्नी की हत्या के मामले में करीब दो साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है. सासाराम की जिला एवं सत्र अदालत ने ज्ञानी महतो को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. मामले की सुनवाई के दौरान सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए. इन्हीं बयानों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया.
क्या है मामला?
यह मामला रोहतास जिले के शिवसागर थाना क्षेत्र के गोतहर गांव का है. जानकारी के मुताबिक, 15 जनवरी को ज्ञानी महतो और उसकी पत्नी सरिता देवी के बीच पारिवारिक विवाद हुआ था. इसी दौरान ज्ञानी महतो ने कथित तौर पर कुदाल से सरिता देवी पर हमला कर दिया. हमले में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई. इस घटना से परिवार में मातम छा गया. सरिता देवी की मौत के बाद उनके भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और ज्ञानी महतो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की और केस अदालत तक पहुंचा.
सात लोगों ने दी गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने सात गवाहों के बयान दर्ज कराए. इसके साथ ही घटना से जुड़े साक्ष्य भी पेश किए गए। अदालत ने गवाहों की गवाही और उपलब्ध सबूतों पर विचार किया. सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ज्ञानी महतो को पत्नी की हत्या का दोषी ठहराया गया. करीब दो साल पुराने इस मामले में अदालत का फैसला आने के बाद आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. इसके अलावा उस पर 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया.
उम्रकैद की सजा
लोक अभियोजक उपेंद्र कुमार ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार जैन ने आरोपी को सजा सुनाई है. अदालत के फैसले के मुताबिक, ज्ञानी महतो को अब उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी.
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