Delhi News: दिल्ली में दशहरे के मौके पर रावण दहन को लेकर एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन सामने आया. उत्तर-पश्चिम दिल्ली के मॉडल टाउन के पास स्थित संगम पार्क में क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) से जुड़े छात्रों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तस्वीर लगा हुआ रावण का पुतला जलाया. इस पुतले की ऊंचाई करीब 20 फीट बताई गई है. प्रदर्शन के दौरान पुतले पर ‘ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो’ और ‘लूटतंत्र’ जैसे नारे भी लिखे गए थे. संगठन से जुड़े लोगों ने इस कार्यक्रम के जरिए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपना विरोध जताया.
पुलिस ने 10 से 12 लोगों को हिरासत में लिया
पुतला दहन और प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पार्क में जगह घेरकर बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन किया था. इसके बाद पुलिस ने 10 से 12 लोगों को हिरासत में लिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों को कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होने की बात भी सामने आई. हालांकि, इस घटना के संबंध में पुलिस का पक्ष और प्रदर्शनकारियों के आरोप अलग-अलग हैं.
SIR में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया गया प्रदर्शन
क्रांतिकारी युवा संगठन से जुड़े लोगों ने बताया कि उनका प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रित था. संगठन का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं. संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन को विरोध जताने का तरीका बताया. वहीं, पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी और पुतला आवासीय इलाके के पास जलाया जा रहा था.
हिरासत पर संगठन ने उठाए सवाल
के प्रवक्ता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध और पुतला दहन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है. संगठन ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की कार्रवाई को अनुचित बताया. इस घटना के बाद दिल्ली में दशहरे के दौरान हुए उन प्रदर्शनों की चर्चा भी तेज हो गई है, जिनमें रावण के पुतले के जरिए राजनीतिक और चुनावी मुद्दों पर विरोध जताया गया. फिलहाल, संगम पार्क की घटना में हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किए जाने की जानकारी सामने आई है.