Ahmedabad Violence News: गुजरात के अहमदाबाद में दो समुदायों के बीच हिंसा का मामला सामने आया है. जिले के धांधुका में शनिवार को एक मोटरसाइकिल दुर्घटना के बाद हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद कई दुकानों में आग लगा दी गई. पुलिस ने बताया कि दो मोटरसाइकिलों के बीच टक्कर हुई. दोनों मोटरसाइकिल सवार अलग-अलग समुदाय से थे. घटना के बाद दोनों के बीच झड़प हो गई, लेकिन यह मामला तब और बढ़ गया, जब एक समूह के सदस्य दुर्घटना में शामिल दूसरे व्यक्ति के घर पहुंच गए.
अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश जाट ने बताया, ‘‘झड़प के दौरान धर्मेश गमारा (30) के पैर में चाकू से वार किया गया, जिसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मृत्यु हो गई. गमारा की मृत्यु के बाद तनाव बढ़ गया और लोगों के एक समूह ने सड़क किनारे लगी सात-आठ दुकानों में आग लगा दी. कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया.”
आग पर पाया गया काबू
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें छोटी दुकानें आग की लपटों में घिरी हुई दिखाई दे रही हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस और दमकल कर्मियों की टीम मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया. आग बुझा दी गई है.
पुलिस ने बताया कि आगजनी में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए इलाके में गश्त और घर-घर तलाशी ली जा रही है. गमारा की हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में समीर और रिजवान नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है.
125 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज
वहीं दंगा, आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप में लगभग 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया है, जबकि हिंसा के सिलसिले में कम से कम 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
साथ ही हत्या की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई है. एसआईटी का गठन एक पुलिस उपाधीक्षक (डीवाई एसपी) की देखरेख में किया गया है, ताकि पूरी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके. इस टीम में पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश प्रजापति, इंस्पेक्टर रघु करमतिया और करण विहोल, और सब-इंस्पेक्टर एसएच जाला शामिल हैं.
200 पुलिसकर्मियों को किया गया तैनात
इसके अलावा पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में लगभग 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है और रात भर तलाशी अभियान चलाया है, जिसमें घर-घर जाकर जांच करना भी शामिल है.