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MP Electricity Supply: मध्य प्रदेश में बिजली संकट, गांवों में छाया अंधेरा, अब क्या प्लान कर रही सरकार?

MP Electricity Supply: मध्य प्रदेश में बिजली की कमी के कारण ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ गई है. खेती के समय बिजली कटौती के कारण किसानों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही है. घंटों तक बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही हैं.

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Last Updated: October 15, 2026 22:58:36 IST

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MP Electricity Supply: मध्य प्रदेश में बिजली की कमी ने ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खेती के अहम समय में बिजली की अनियमित आपूर्ति से किसान परेशान हैं. कई गांवों में घंटों तक बिजली नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे खेतों की सिंचाई पर असर पड़ रहा है. लगातार मिल रही शिकायतों के बीच राज्य सरकार ने बिजली की अतिरिक्त जरूरत पूरी करने के लिए पंजाब से बिजली खरीदने का फैसला किया है. अब सवाल यह है कि खुद को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बताने वाले मध्य प्रदेश में ऐसी स्थिति क्यों बन गई?

बिजली की बढ़ी मांग

मध्य प्रदेश को लंबे समय से बिजली सरप्लस वाले राज्यों में गिना जाता रहा है. ऐसे में गांवों में बिजली कटौती की खबरों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.जानकारी के मुताबिक, राज्य में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है लेकिन उत्पादन और उपलब्ध आपूर्ति मांग के हिसाब से नहीं बढ़ सकी. इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है.

कम बारिश और मौसम भी कारण

बिजली विभाग के एक रिटायर्ड अधिकारी ने एक इंटरव्यू में बतायाकि मौजूदा संकट की प्रमुख वजह मांग में अचानक हुई बढ़ोतरी है. कम बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बिजली की जरूरत बढ़ गई. वहीं, सौर और पवन ऊर्जा से भी उम्मीद के मुताबिक उत्पादन नहीं हो पाया. ऐसे में मांग और उपलब्ध बिजली के बीच अंतर बढ़ गया. अधिकारी का अनुमान है कि अगले सात से दस दिनों में बिजली आपूर्ति की स्थिति सुधर सकती है. उनके मुताबिक, बिजली की कमी होने पर रोटेशन के आधार पर कटौती की जाती है. इस व्यवस्था में आम तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों पर पहले असर पड़ता है. वहीं बड़े शहरों को बाद में प्रभावित किया जाता है.

कांग्रेस ने उठाया सवाल

बिजली संकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया कि कई गांवों में लंबे समय से बिजली नहीं मिल रही है. पटवारी ने सवाल उठाया कि जब मध्य प्रदेश दूसरे राज्यों और दिल्ली मेट्रो तक बिजली की आपूर्ति करता है, तो अपने ही गांवों में लोगों को परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है. उन्होंने बिजली मंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और सरकार से स्थिति सुधारने की मांग की है.

ये भी पढ़ें: Shiva Sharma Case: श्रद्धा दुबे का नया VIDEO वायरल, जेवर चोरी के आरोप पर डरा-सहमा दिखा कारोबारी

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MP Electricity Supply: मध्य प्रदेश में बिजली की कमी ने ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खेती के अहम समय में बिजली की अनियमित आपूर्ति से किसान परेशान हैं. कई गांवों में घंटों तक बिजली नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे खेतों की सिंचाई पर असर पड़ रहा है. लगातार मिल रही शिकायतों के बीच राज्य सरकार ने बिजली की अतिरिक्त जरूरत पूरी करने के लिए पंजाब से बिजली खरीदने का फैसला किया है. अब सवाल यह है कि खुद को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बताने वाले मध्य प्रदेश में ऐसी स्थिति क्यों बन गई?

बिजली की बढ़ी मांग

मध्य प्रदेश को लंबे समय से बिजली सरप्लस वाले राज्यों में गिना जाता रहा है. ऐसे में गांवों में बिजली कटौती की खबरों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.जानकारी के मुताबिक, राज्य में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है लेकिन उत्पादन और उपलब्ध आपूर्ति मांग के हिसाब से नहीं बढ़ सकी. इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है.

कम बारिश और मौसम भी कारण

बिजली विभाग के एक रिटायर्ड अधिकारी ने एक इंटरव्यू में बतायाकि मौजूदा संकट की प्रमुख वजह मांग में अचानक हुई बढ़ोतरी है. कम बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बिजली की जरूरत बढ़ गई. वहीं, सौर और पवन ऊर्जा से भी उम्मीद के मुताबिक उत्पादन नहीं हो पाया. ऐसे में मांग और उपलब्ध बिजली के बीच अंतर बढ़ गया. अधिकारी का अनुमान है कि अगले सात से दस दिनों में बिजली आपूर्ति की स्थिति सुधर सकती है. उनके मुताबिक, बिजली की कमी होने पर रोटेशन के आधार पर कटौती की जाती है. इस व्यवस्था में आम तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों पर पहले असर पड़ता है. वहीं बड़े शहरों को बाद में प्रभावित किया जाता है.

कांग्रेस ने उठाया सवाल

बिजली संकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया कि कई गांवों में लंबे समय से बिजली नहीं मिल रही है. पटवारी ने सवाल उठाया कि जब मध्य प्रदेश दूसरे राज्यों और दिल्ली मेट्रो तक बिजली की आपूर्ति करता है, तो अपने ही गांवों में लोगों को परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है. उन्होंने बिजली मंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और सरकार से स्थिति सुधारने की मांग की है.

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