Congress organisation reshuffle: कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों के प्रभारी बदल दिए हैं. सबसे अहम बदलाव पंजाब कांग्रेस में हुआ है, जहां पार्टी ने वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को नया प्रभारी नियुक्त किया है. वहीं, अब तक पंजाब की जिम्मेदारी संभाल रहे भूपेश बघेल को हटाकर असम का प्रभारी बनाया गया है. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से सामने आ रही अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी के बीच इस बदलाव को पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
पंजाब में सचिन पायलट को बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस ने पंजाब में संगठन को संभालने की जिम्मेदारी सचिन पायलट को सौंपी है. पार्टी के भीतर पंजाब का संगठन लंबे समय से कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे में पायलट की नियुक्ति को कांग्रेस के लिए अहम रणनीतिक फैसला माना जा रहा है. पार्टी की कोशिश अब संगठन के भीतर बेहतर तालमेल बनाने और नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करने की होगी.
भूपेश बघेल अब संभालेंगे असम का मोर्चा
पंजाब के प्रभारी पद से हटाए गए भूपेश बघेल को अब असम की जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस की ओर से किए गए इस बदलाव के तहत बघेल नए प्रदेश संगठन और वहां की राजनीतिक परिस्थितियों पर फोकस करेंगे. पंजाब से उनकी जिम्मेदारी हटाकर पार्टी ने वहां नेतृत्व में बदलाव का रास्ता साफ किया है.
रणदीप सुरजेवाला को गुजरात के साथ कर्नाटक की भी जिम्मेदारी
संगठनात्मक फेरबदल में रणदीप सिंह सुरजेवाला को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है. उन्हें गुजरात का महासचिव प्रभारी बनाए जाने के साथ-साथ कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. यानी अब सुरजेवाला को एक साथ दो राज्यों में पार्टी संगठन से जुड़े अहम काम देखने होंगे.
इन राज्यों में भी बदले गए प्रभारी
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में भी संगठनात्मक बदलाव किया है. सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है. वहीं डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी. वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है. पार्टी की ओर से जारी संगठनात्मक सूची के मुताबिक, ये सभी नियुक्तियां कांग्रेस अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं. इसके साथ ही कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मुकुल वासनिक एआईसीसी महासचिव के पद पर पहले की तरह अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे.
गुटबाजी के बीच कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक संदेश
कांग्रेस के इस फेरबदल को केवल चेहरों की अदला-बदली के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. पंजाब में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच प्रभारी बदलने का फैसला पार्टी की संगठनात्मक रणनीति में बदलाव का संकेत देता है. अब नजर इस बात पर होगी कि सचिन पायलट पंजाब में पार्टी के भीतर तालमेल कैसे बैठाते हैं और संगठन को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए किस तरह तैयार करते हैं.