Sambhal snake bite case: यूपी के संभल स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में चार साल के बच्चे के इलाज को लेकर गंभीर आरोप सामने आया है. परिजनों का दावा है कि सांप के डसने के बाद अस्पताल लाए गए मासूम को एंटी-वेनम देने के बजाय एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगा दिया गया. इसके बाद घर लौटने पर बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं. गंभीर हालत में बच्चे को निजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है. हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी इस आरोप पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.
सांप के डसने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे थे परिजन
जानकारी के मुताबिक, चार वर्षीय अदीब को सांप के डसने के बाद परिजन इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे थे. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्चे के इलाज के दौरान एंटी-वेनम की जगह एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगा दिया गया. उनका कहना है कि अस्पताल से घर लौटने के बाद शाम को दवा देने के बाद बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद बच्चे को उल्टियां होने लगीं और उसकी स्थिति को देखते हुए परिजन उसे दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे.
हालत बिगड़ी तो किया गया हायर सेंटर रेफर
बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन अदीब को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने बच्चे की जांच की. परिजनों के मुताबिक, निजी अस्पताल में भी सांप के काटने की पुष्टि होने की बात सामने आई, जिसके बाद बच्चे को ICU में भर्ती किया गया. फिलहाल चार वर्षीय अदीब का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. परिजनों का कहना है कि उसकी हालत अभी तक सामान्य नहीं हुई है.
अस्पताल की प्रतिक्रिया के बाद साफ होगी तस्वीर
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल इलाज के दौरान दिए गए इंजेक्शन को लेकर है. परिजनों ने एंटी-वेनम की जगह एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाया है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. जिला संयुक्त चिकित्सालय प्रशासन की ओर से भी आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है. ऐसे में अस्पताल का पक्ष सामने आने और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे को कौन सी दवा या इंजेक्शन दिया गया था और उसकी तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या रही. बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल में दर्ज उपचार का रिकॉर्ड और दिए गए इंजेक्शन की जानकारी इस मामले में अहम होगी. फिलहाल मासूम का इलाज जारी है और परिवार उसकी हालत को लेकर चिंतित है.