Rajasthan Crime: राजस्थान के चूरू जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है. जिस पिता से बेटे को सुरक्षा और सहारे की उम्मीद होती है, उसी पर अपने बेटे और बहू की हत्या करने का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि 60 साल का रामचंद्र जाट गांव का सरपंच बनना चाहता था लेकिन उसका बेटा और बहू उसे चुनाव लड़ने से रोक रहे थे. इसी बात को लेकर घर में आए दिन विवाद होता था. मंगलवार की रात यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि दो जिंदगियां खत्म हो गईं.
सरपंच बनने की जिद
यह मामला चूरू जिले के तारानगर इलाके के चंगोई गांव का है. यहां रहने वाला रामचंद्र जाट धर्मकांटा चलाता है. गांव में 16 नवंबर को पंचायत चुनाव होने हैं और रामचंद्र सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. हालांकि, उसके बेटे रविंद्र और बहू महिंद्रा को उसका चुनाव लड़ना मंजूर नहीं था. दोनों उसे लगातार चुनाव नहीं लड़ने के लिए समझा रहे थे लेकिन रामचंद्र अपनी जिद पर अड़ा हुआ था. मंगलवार रात करीब एक बजे इसी मुद्दे पर पिता और बेटे के बीच फिर बहस हो गई. विवाद के बाद दोनों अलग-अलग समय पर धर्मकांटे पर पहुंच गए. बहू महिंद्रा को लगा कि वहां भी झगड़ा हो सकता है, इसलिए वह भी उनके पीछे-पीछे पहुंच गई.
बहू बेटे को गुस्से में बोलेरो से कुचला
धर्मकांटे पर पहुंचने के बाद तीनों के बीच एक बार फिर सरपंची चुनाव को लेकर विवाद हुआ. आरोप है कि जब रविंद्र और महिंद्रा वहां से घर लौट रहे थे, तभी रामचंद्र बोलेरो लेकर उनके पीछे पहुंचा. गुस्से में उसने कथित तौर पर दोनों पर गाड़ी चढ़ा दी. इस दर्दनाक घटना में रविंद्र और महिंद्रा की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. वहीं पुलिस ने आरोपी रामचंद्र को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है. घर में मातम पसरा हुआ है. रविंद्र की मां बेटे और बहू की मौत से बेसुध है. वहीं उनकी 11 साल की बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है.
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