Live TV
Search
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > ‘ज्योति मौर्य’ जैसा कांड! मवेशी बेचे, मजदूरी की और पत्नी को बनाया ANM; जॉब मिलते ही छोड़ा ससुराल, तलाक की मांग

‘ज्योति मौर्य’ जैसा कांड! मवेशी बेचे, मजदूरी की और पत्नी को बनाया ANM; जॉब मिलते ही छोड़ा ससुराल, तलाक की मांग

गोंडा में एक एक पीड़ित पति अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा है. पति का दावा है कि उसने पहले पत्नी को पैसे भेजकर पढ़ाया-लिखाया, जिसके बाद पत्नी की नौकरी लग गई, लेकिन जॉब मिलने के बाद वो ससुराल में साथ नहीं रहना चाहती. पत्नी ने साथ रहने या अलग होने के लिए शर्तें तक रख दी हैं. ये मामला जानकर आपके भी होश उड़ जाएंगे.

Written By:
Last Updated: May 9, 2026 16:15:27 IST

Mobile Ads 1x1

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पति ने प्रशासन से अपनी शादी बचाने की गुहार लगाई है. पति का कहना है कि उसने मेहनत-मजदूरी करके पत्नी की पढ़ाई पूरी करवाई. पत्नी के मेडिकल कोर्स की फीस भरने के लिए अपने मवेशी तक बेच दिए, लेकिन अब नौकरी लगने पर पत्नी साथ रहने के लिए मना कर रही है. पत्नी को ले जाने की कई कोशिशें की, ससुराल तक गए, लेकिन बात नहीं सुनी गई. जानें आखिर क्या है पूरा मामला-

ससुराल नहीं जाना चाहती पत्नी

पीड़ित पति का नाम राजेश वर्मा है जो यूपी के गोंडा जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के चपरतल्ला कौरहे गांव के रहने वाले हैं. 28 साल के राजेश वर्मा बताते हैं कि उनकी शादी साल 2001 में पिपरा गांव की रेनू वर्मा से हुई थी. ये एक बाल विवाह था, जिसके 17 साल बाद, 2018 में गोना हुआ और रेनू वर्मा ससुराल में पति के साथ रहने लगीं.

इस दौरान रेनू वर्मा ने एएनएम कोर्स करने की इच्छा जाहिर की. साल 2022 में पति से उपहार में मिली पायल बेचकर एडमिशन भी ले लिया. तंग आर्थिक स्थिति के बावजूद पति राजेश वर्मा ने पंजाब में कभी मजदूरी करके तो कभी गन्ना और मवेशी बेचकर कोर्स की फीस अदा की.

नौकरी मिलते ही छोड़ा साथ

पीड़ित पति राजेश वर्मा का आरोप है कि पंजाब से भेजे गए पैसों से रेनू वर्मा ने कोर्स करके सर्टिफिकेट ले लिया. जैसे ही नौकरी मिली, पत्नी रेनू वर्मा ने पति के साथ रहने के लिए मना कर दिया. राजेश वर्मा बताते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी की हर ख्वाहिश पूरी की, लेकिन अब वो मेरे बीमार पिता और आंखों से दिव्यांग मां के साथ नहीं रहना चाहतीं. 

पत्नी की शर्त है कि या तो ससुराल से अलग रहा जाए या 10 लाख रुपये देकर डिवोर्स ले लीजिए. राजेश वर्मा का आरोप है कि पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने के बावजूद पत्नी पैसों की डिमांड कर रही है और शादी के गहने भी अपने पास रख लिए हैं.

ससुराल वाले भी नहीं माने

न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पत्नी रेनू वर्मा ने पति राजेश वर्मा से वादा किया था कि मेडिकल कोर्स के बाद नौकरी लगने तक पति के परिवार के साथ रहने का वादा किया. कहा था कि नौकरी लगने के बाद पोस्टिंग होने पर साथ रहेंगे.

पति राजेश वर्मा का कहना है कि उनके माता-पिता बुजुर्ग हो चुके हैं, ऐसे में उनको छोड़कर पत्नी के साथ रहना संभव नहीं है. इस घटना की जानकारी रेनू वर्मा के परिवार को भी दी, लेकिन उन्होंने ने भी अलग हो जाने को कहा. 

प्रशासन से लगाई गुहार

जब कहीं से सहायता नहीं मिली तो पीड़ित पति राजेश वर्मा ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई. इस मामले में सदर सीओ शिल्पा वर्मा को भी शिकायत पत्र दिया गया है, जिसमें पढ़ाई के लिए दिए गए पैसे और शादी-गोने के समय दिए गहने वापस दिलवाने को कहा है. राजेश वर्मा ने प्रशासन से अपील की है इस मामले से जल्द छुटकारा दिलवा दिया जाए.

ये भी पढ़ें:- Viral Video: 7 समंदर पार से आई रशियन बहू, पाकिस्तानी शौहर के साथ ऐसे बिता रही जिंदगी, सोशल मीडिया पर सुनाई दास्तां

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

MORE NEWS

Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > ‘ज्योति मौर्य’ जैसा कांड! मवेशी बेचे, मजदूरी की और पत्नी को बनाया ANM; जॉब मिलते ही छोड़ा ससुराल, तलाक की मांग

Written By:
Last Updated: May 9, 2026 16:15:27 IST

Mobile Ads 1x1

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पति ने प्रशासन से अपनी शादी बचाने की गुहार लगाई है. पति का कहना है कि उसने मेहनत-मजदूरी करके पत्नी की पढ़ाई पूरी करवाई. पत्नी के मेडिकल कोर्स की फीस भरने के लिए अपने मवेशी तक बेच दिए, लेकिन अब नौकरी लगने पर पत्नी साथ रहने के लिए मना कर रही है. पत्नी को ले जाने की कई कोशिशें की, ससुराल तक गए, लेकिन बात नहीं सुनी गई. जानें आखिर क्या है पूरा मामला-

ससुराल नहीं जाना चाहती पत्नी

पीड़ित पति का नाम राजेश वर्मा है जो यूपी के गोंडा जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के चपरतल्ला कौरहे गांव के रहने वाले हैं. 28 साल के राजेश वर्मा बताते हैं कि उनकी शादी साल 2001 में पिपरा गांव की रेनू वर्मा से हुई थी. ये एक बाल विवाह था, जिसके 17 साल बाद, 2018 में गोना हुआ और रेनू वर्मा ससुराल में पति के साथ रहने लगीं.

इस दौरान रेनू वर्मा ने एएनएम कोर्स करने की इच्छा जाहिर की. साल 2022 में पति से उपहार में मिली पायल बेचकर एडमिशन भी ले लिया. तंग आर्थिक स्थिति के बावजूद पति राजेश वर्मा ने पंजाब में कभी मजदूरी करके तो कभी गन्ना और मवेशी बेचकर कोर्स की फीस अदा की.

नौकरी मिलते ही छोड़ा साथ

पीड़ित पति राजेश वर्मा का आरोप है कि पंजाब से भेजे गए पैसों से रेनू वर्मा ने कोर्स करके सर्टिफिकेट ले लिया. जैसे ही नौकरी मिली, पत्नी रेनू वर्मा ने पति के साथ रहने के लिए मना कर दिया. राजेश वर्मा बताते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी की हर ख्वाहिश पूरी की, लेकिन अब वो मेरे बीमार पिता और आंखों से दिव्यांग मां के साथ नहीं रहना चाहतीं. 

पत्नी की शर्त है कि या तो ससुराल से अलग रहा जाए या 10 लाख रुपये देकर डिवोर्स ले लीजिए. राजेश वर्मा का आरोप है कि पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने के बावजूद पत्नी पैसों की डिमांड कर रही है और शादी के गहने भी अपने पास रख लिए हैं.

ससुराल वाले भी नहीं माने

न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पत्नी रेनू वर्मा ने पति राजेश वर्मा से वादा किया था कि मेडिकल कोर्स के बाद नौकरी लगने तक पति के परिवार के साथ रहने का वादा किया. कहा था कि नौकरी लगने के बाद पोस्टिंग होने पर साथ रहेंगे.

पति राजेश वर्मा का कहना है कि उनके माता-पिता बुजुर्ग हो चुके हैं, ऐसे में उनको छोड़कर पत्नी के साथ रहना संभव नहीं है. इस घटना की जानकारी रेनू वर्मा के परिवार को भी दी, लेकिन उन्होंने ने भी अलग हो जाने को कहा. 

प्रशासन से लगाई गुहार

जब कहीं से सहायता नहीं मिली तो पीड़ित पति राजेश वर्मा ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई. इस मामले में सदर सीओ शिल्पा वर्मा को भी शिकायत पत्र दिया गया है, जिसमें पढ़ाई के लिए दिए गए पैसे और शादी-गोने के समय दिए गहने वापस दिलवाने को कहा है. राजेश वर्मा ने प्रशासन से अपील की है इस मामले से जल्द छुटकारा दिलवा दिया जाए.

ये भी पढ़ें:- Viral Video: 7 समंदर पार से आई रशियन बहू, पाकिस्तानी शौहर के साथ ऐसे बिता रही जिंदगी, सोशल मीडिया पर सुनाई दास्तां

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

MORE NEWS