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Jhansi Railway Employee Death: उत्तर प्रदेश के झांसी में नवाबाद पुलिस स्टेशन के इलाके में स्थित चित्रा क्रॉसिंग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 29 साल का एक रेलवे कर्मचारी अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई. यह पूरी घटना पास में लगे एक CCTV कैमरे में कैद हो गई, और अब यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है.
वह अपने दफ़्तर से चाय पीने के लिए टी स्टोल पर आया था. जहां अचानक, दुकान के काउंटर पर रखी पकौड़ों और समोसों की ट्रे पर औंधे मुंह गिर पड़ा. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें पूरा मामला.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान नई बस्ती के रहने वाले अजय कुशवाहा के रूप में हुई है. वह डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) के दफ़्तर में गाड़ी चलाने का काम करता था. अजय अपनी मोटरसाइकिल से एक होटल गया था, जो उसके दफ़्तर से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर था वहां वह चाय लेने गया था. उसने होटल के मालिक को चाय पैक करवाने के लिए पैसे दिए और फिर काउंटर पर मौजूद व्यक्ति से एक प्लास्टिक का थैला मांगा. अचानक, उसका संतुलन बिगड़ गया और वह काउंटर पर रखी पकौड़ों और समोसों की ट्रे पर औंधे मुंह गिर पड़ा. इसके बाद वह जमीन पर गिर गया और उसे दौरे पड़ने लगे.
मौके पर मौजूद लोगों को शुरू में लगा कि अजय को मिर्गी का दौरा पड़ रहा है. कुछ लोगों ने उसके नाक के पास जूते और मोज़े रखकर उसे होश में लाने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग लगातार उसकी छाती मलते रहे. वह लगभग तीन मिनट तक ज़मीन पर तड़पता रहा, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं दिखा.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई
बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद होटल के मालिक लोकेन्द्र पांडे ने तुरंत अजय के साथियों को फोन करके घटना की जानकारी दी. इसके कुछ ही देर बाद, उसके परिवार वाले और साथी मौके पर पहुंचे और उसे एक ऑटो-रिक्शा में बिठाकर अस्पताल ले गए. लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी; अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
यूपी : झांसी में 29 साल का रेलवेकर्मी अजय कुशवाहा चाय लेने गया। अचानक पकौड़ी की ट्रे के ऊपर गिरा और फिर मौत हो गई। pic.twitter.com/B5fMo6bxr1
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 15, 2026
CCTV में कैद हो गई घटना
घटना का पूरा क्रम CCTV फुटेज में साफ-साफ दिखाई दे रहा है, जिसमें अजय अचानक गिरता हुआ दिख रहा है. यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से फैल रहा है, जिससे देखने वाले गहरे सदमे में हैं. बताया जा रहा है कि अजय को यह नौकरी लगभग दो साल पहले, उसके पिता की मौत के बाद, अनुकंपा के आधार पर मिली थी. वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला सदस्य था. इस अचानक और दुखद घटना ने उसके परिवार को गहरे दुख और उथल-पुथल में डाल दिया है.