Kanpur Trader Murder News: कानपुर के फार्मा व्यापारी विनीत मिनोचा के बेटे ने बुधवार को पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने अपने करोड़पति पिता की हत्या की है और उसकी पत्नी शालू मिनोचा का इस अपराध में कोई हाथ नहीं है. इससे इस हाई-प्रोफाइल हत्या की जांच में एक नया मोड़ आ गया है.
उसने जिस हत्यारे को काम पर रखा था, उसने भी शालू पर आरोप लगाने वाले अपने पहले के बयान को वापस ले लिया और अधिकारियों को बताया कि सुब्रत ने उसे निर्देश दिया था कि पकड़े जाने पर वह अपनी पत्नी का नाम बताए.
बेटे ने कबूल किया जुर्म
सुब्रत ने बुधवार को हिरासत में लिए जाने और शालू तथा पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम, जिसने करोड़पति पर चाकू से हमला किया था, के साथ पूछताछ किए जाने के बाद अपना जुर्म कबूल किया. हालांकि, पुलिस ने शालू को क्लीन चिट नहीं दी है और उसकी कथित भूमिका की जांच जारी रखे हुए है. इससे पहले, पुलिस को संदेह था कि शालू ने कानपुर स्थित अपने घर में 60 वर्षीय विनीत की हत्या करने के लिए हत्यारों को काम पर रखा था.
पूछताछ के दौरान सुब्रत ने पहले तो शालू को दोषी ठहराया, लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदल दिया और हत्या की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली. इसके बाद उसे हत्या और साजिश में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब सुब्रत, शालू और विशाल के बयानों की तुलना कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और आरोपियों की गतिविधियों से कर रही है.
आरोपी ने भी बदला बयान
हत्यारे विशाल के नवीनतम बयान के अनुसार, सुब्रत ने विनीत की हत्या को इस तरह अंजाम देने की योजना पर चर्चा की थी जिससे उसकी मौत स्वाभाविक लगे. विशाल ने यह भी दावा किया कि हत्या वाले दिन सुब्रत ने उसे लगभग छह बार फोन किया था. विशाल ने आगे आरोप लगाया कि विनीत ने उन्हें कमरे के अंदर देख लिया और शोर मचाया, जिसके बाद वह घबरा गया और उसने चाकू से उस पर हमला कर दिया.
हत्या का कारण
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या वित्तीय और संपत्ति संबंधी चिंताओं ने इस साजिश में कोई भूमिका निभाई थी. विशाल के बयान के अनुसार, सुब्रत को डर था कि विनीत अपनी संपत्ति उन महिलाओं में से किसी एक को हस्तांतरित कर सकता है जिनके साथ कथित तौर पर उसके संबंध थे.
सुब्रत पर कथित तौर पर 20 लाख रुपये से अधिक का कर्ज भी था, जिसमें वित्तीय संस्थानों और एक मित्र से लिया गया ऋण भी शामिल था. पुलिस सुब्रत और उसके पिता के बीच हुए विवाद की भी जांच कर रही है. सूत्रों के अनुसार, विनीत ने जून में सुब्रत को फटकार लगाई थी, जब उन्हें पता चला कि उसने उन्हें बिना बताए अपने कार्यालय से सामान बेच दिया था और उससे मिली रकम खुद रख ली थी. हालांकि, पुलिस ने कहा कि 2022 में बनाई गई एक पंजीकृत वसीयत के अनुसार विनीत की संपत्तियां उनकी पत्नी पुनीता, सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम थीं.
5 सितंबर को हुई हत्या
विनीत मिनोचा की 5 सितंबर की रात को कानपुर स्थित उनके घर में चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि सुब्रत और शालू एक पार्टी में गए हुए थे. बाद में पुलिस ने विशाल गौतम और उसके साथी राज किशोर को गिरफ्तार कर लिया. उन पर आरोप है कि विनीत की हत्या के लिए उन्हें किराए पर लिया गया था. इसके बाद शालू को भी हत्या की साजिश रचने और दोनों को काम पर रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.