Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में दशहरे के दिन एक गरीब परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं. चरखारी क्षेत्र के गुढ़ा गांव में मंगलवार सुबह एक कच्चा मकान अचानक गिर गया. उस वक्त घर के सभी सदस्य सो रहे थे. हादसे में 12 साल की बच्ची बबली की जान चली गई. वहीं उसके माता-पिता और दो भाई-बहन घायल हो गए. घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है.
अचानक भरभराकर गिरा मकान
जानकारी के मुताबिक, गंगाराम अनुरागी अपने परिवार के साथ गांव में बने कच्चे घर में रहते हैं. वह दिल्ली में मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते हैं. बरसात के दिनों में वह गांव आए हुए थे. सोमवार रात परिवार के सभी सदस्य गांव के देवी पंडाल में दर्शन करने गए थे. वहां से लौटने के बाद वे अपने घर में सो गए. मंगलवार सुबह करीब छह बजे अचानक मकान की दीवारें और छत का सहारा टूट गया. देखते ही देखते पूरा घर ढह गया और अंदर सो रहे लोग मलबे में दब गए. अचानक हुई इस घटना से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
ग्रामीणों ने बचाई लोगों की जान
मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे. गंगाराम की मां प्रेमरानी और पड़ोसियों ने दूसरे ग्रामीणों के साथ मिलकर मलबा हटाना शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद घर में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला गया. हालांकि, 12 वर्षीय बबली को सीने में गंभीर चोटें आई थीं. उसे बचाया नहीं जा सका. हादसे में गंगाराम, उनकी पत्नी उमा देवी और दोनों अन्य बच्चों को भी चोटें आईं. बेटी की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
PM आवास न मिलने पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बेहद गरीब है और गंगाराम मजदूरी करके घर चलाते हैं. उनका आरोप है कि परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान नहीं मिला. ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के कारण कच्चे घर की दीवारें कमजोर हो गई थीं, जिससे यह हादसा हुआ. घटना की जानकारी मिलने पर चरखारी के नायब तहसीलदार मुकुल कुमार लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.