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Uttarakhand: पिथौरागढ़ में नाबालिग लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, पिता पर केस दर्ज, आरोपी के साथ पुणे गई थी रहने

Uttarakhand Crime News: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक नाबालिग लड़की ने बच्चे को जन्म दिया है. अस्पताल से छुटटी के बाद लड़की और उसके नवजात शिशु को ‘स्पेशल एडॉप्शन’ एजेंसी में रखा जाएगा और उसकी तब तक देखभाल की जाएगी जब तक कि उसकी उम्र 18 साल की नहीं होती.

Written By: Hasnain Alam
Last Updated: April 15, 2026 17:05:17 IST

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे जानकर आपके मन भी ये सवाल उठने लगेंगे कि आखिर हमारा समाज कहां जा रहा है. दरअसल, जिला अस्पताल में एक 14 साल की नाबालिग लड़की ने मंगलवार को ‘सीजेरियन आपरेशन’ के जरिए एक बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद नवजात शिशु के पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया.

जिले में जरूरतमंद बच्चों की देखभाल करने वाली राज्य सरकार की संस्था बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एलएस खाती ने बताया कि गर्भवती लड़की प्रसव पीड़ा से बेहाल थी और ऐसे में उनकी संस्था ने उसके अभिभावक के रूप में जिम्मेदारी उठाते हुए चिकित्सकों को उसका आपरेशन करने के लिए जरूरी अनुमति पत्र पर दस्तखत किए.

पुणे में काम करता है युवक

खाती ने बताया कि नवजात शिशु के पिता के खिलाफ मुनस्यारी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 87 तथा 5/6 और यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार शिशु का पिता बताया जा रहा युवक पुणे में काम करता है.

नाबालिग लड़की ने समिति को जानकारी दी है कि जब वह बहुत छोटी थी, तभी उसके माता-पिता अलग हो गए थे, पिछले साल वह उस युवक के संपर्क में आई और उसके साथ पुणे चली गई, जहां वह गर्भवती हो गयी.

शिशु को ‘स्पेशल एडॉप्शन’ एजेंसी में रखा जाएगा

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि अस्पताल से छुटटी के बाद लड़की और उसके नवजात शिशु को ‘स्पेशल एडॉप्शन’ एजेंसी में रखा जाएगा और उसकी तब तक देखभाल की जाएगी जब तक कि उसकी उम्र 18 साल की नहीं होती.

वहीं बलुवाकोट थानाध्यक्ष नीमा बोहरा के मुताबिक मामले में परिजनों से पूछताछ की जा रही है. साथ ही आरोपी युवक के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. जच्चा-बच्चा बाल कल्याण समिति की निगरानी में हैं. बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती के मुताबिक अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोनों को राजकीय दत्तक गृहण अभिकरण में रखा जाएगा.

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Written By: Hasnain Alam
Last Updated: April 15, 2026 17:05:17 IST

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे जानकर आपके मन भी ये सवाल उठने लगेंगे कि आखिर हमारा समाज कहां जा रहा है. दरअसल, जिला अस्पताल में एक 14 साल की नाबालिग लड़की ने मंगलवार को ‘सीजेरियन आपरेशन’ के जरिए एक बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद नवजात शिशु के पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया.

जिले में जरूरतमंद बच्चों की देखभाल करने वाली राज्य सरकार की संस्था बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एलएस खाती ने बताया कि गर्भवती लड़की प्रसव पीड़ा से बेहाल थी और ऐसे में उनकी संस्था ने उसके अभिभावक के रूप में जिम्मेदारी उठाते हुए चिकित्सकों को उसका आपरेशन करने के लिए जरूरी अनुमति पत्र पर दस्तखत किए.

पुणे में काम करता है युवक

खाती ने बताया कि नवजात शिशु के पिता के खिलाफ मुनस्यारी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 87 तथा 5/6 और यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार शिशु का पिता बताया जा रहा युवक पुणे में काम करता है.

नाबालिग लड़की ने समिति को जानकारी दी है कि जब वह बहुत छोटी थी, तभी उसके माता-पिता अलग हो गए थे, पिछले साल वह उस युवक के संपर्क में आई और उसके साथ पुणे चली गई, जहां वह गर्भवती हो गयी.

शिशु को ‘स्पेशल एडॉप्शन’ एजेंसी में रखा जाएगा

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि अस्पताल से छुटटी के बाद लड़की और उसके नवजात शिशु को ‘स्पेशल एडॉप्शन’ एजेंसी में रखा जाएगा और उसकी तब तक देखभाल की जाएगी जब तक कि उसकी उम्र 18 साल की नहीं होती.

वहीं बलुवाकोट थानाध्यक्ष नीमा बोहरा के मुताबिक मामले में परिजनों से पूछताछ की जा रही है. साथ ही आरोपी युवक के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. जच्चा-बच्चा बाल कल्याण समिति की निगरानी में हैं. बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती के मुताबिक अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोनों को राजकीय दत्तक गृहण अभिकरण में रखा जाएगा.

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