Disadvantages of Modifying car tyres: आजकल कार को कस्टमाइज करने का ट्रेंड भारत में काफी तेजी से बढ़ रहा है. कई लोग अपनी कार को अलग और स्टाइलिश दिखाने के लिए आफ्टरमार्केट मॉडिफिकेशन कराते हैं. मॉडिफिकेशन भी कई तरीके की होती है, जिसमें कुछ लोग कार का इंटीरियर चेंज कराते हैं तो कुछ लोग कार का लुक ही बाहर से अलग करा लेते हैं. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कार में केवल टायरों पर ही खर्चा करते हैं. जी हां, कुछ लोग आफ्टर मार्केट जाकर कार में बड़े साइज के टायर डलवा लेते हैं. लेकिन, क्या ऐसा करना सही है?
इससे कार को कई तरीकों के नुकसान भी हो सकते हैं. पहली नजर में ये बदलाव कार को आकर्षक जरूर बनाते हैं, लेकिन हर मॉडिफिकेशन कराना कार की सेहत के लिए ठीक नहीं होता है. अगर आप भी अपनी कार में बड़े टायर लगवाने की सोच रहे हैं, तो इस लेख को जरूर पढ़ें.
1. ब्रेकिंग कमजोर पड़ना
अगर आप आफ्टर मार्केट जाकर अपनी कार में कुछ बदलाव करते हैं या खासतौर पर बड़े साइज के टायर लगवाते हैं तो ऐसी स्थिति में कार की ब्रेकिंग के साथ ही साथ हैंडलिंग भी कमजोर पड़ने लगती है. बड़े टायर सस्पेंशन पर ज्यादा लोड डालते हैं, जिससे एक्सल जल्दी खराब होने के साथ ही साथ कार की ब्रेक पर भी इसका असर देखा जा सकता है.
2. स्पीडोमीटर की गलत रीडिंग
अगर आप कार में बड़े साइज के टायर लगवाते हैं तो ऐसी स्थिति में कार के स्पीडोमीटर में आपको गलत रीडिंग देखने के लिए मिलती है. ऐसे में कई बार वायर में बदलाव भी किए जाते हैं, जिससे स्पीडोमीटर का कनेक्शन भी प्रभावित हो सकता है. इसलिए कार की स्पीड के साथ ही माइलेज के आंकड़ों में भी कई बार गलत नंबर दिखाई दे सकते हैं.
3. माइलेज में कमी
बड़े और भारी टायरों को लगवाने से आपकी कार की माइलेज पर भी असर पड़ सकता है. इससे कार की माइलेज सामान्य या पहले से कम हो सकती है. दरणअसल, कार में लगे बड़े टायरों को घुमाने के लिए इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है और ऐसी स्थिति में माइलेज भी कम होने लगती है.