अगर आप भी किसी नामी कंपनी का टैग और भारी-भरकम कीमत देखकर यह सोचते हैं कि प्रोडक्ट प्रीमियम और टिकाऊ होगा, तो ठहर जाइए. टेक दिग्गज Samsung के एक यूजर के साथ जो हुआ, उसने कंपनी के ‘क्वालिटी चेक’ और ‘आफ्टर सेल्स सर्विस’ पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
हजारों-लाखों रुपये खर्च करने के बाद जब प्रीमियम लैपटॉप जवाब देने लगे और सर्विस सेंटर से लेकर कस्टमर सपोर्ट तक सिर्फ निराशा हाथ लगे, तो किसी भी ग्राहक का गुस्सा फूटना लाज़मी है. एक्स (ट्विटर) पर एक परेशान यूजर ने न सिर्फ सैमसंग की क्लास लगाई है, बल्कि कंपनी के रवैये को लेकर ऐसी बातें उजागर की हैं, जिन्हें सुनकर आप भी इस कंपनी के प्रोडक्ट खरीदने से पहले 10 बार सोचने पर मजबूर हो जाएंगे.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, X (ट्विटर) यूजर रश्मि रंजन ने अपने Samsung Galaxy Book में आ रही लगातार दिक्कतों को लेकर कंपनी को घेरा है. उनके मुताबिक लैपटॉप का फिंगरप्रिंट सेंसर पहले ही काम करना बंद कर चुका था और अब अचानक कीबोर्ड भी पूरी तरह ठप पड़ गया है. यूज़र का आरोप है कि यह समस्या इस मॉडल में काफी आम है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बिक्री से पहले सही तरीके से क्वालिटी चेक नहीं किया जा रहा है, तो सैमसंग ऐसे प्रोडक्ट्स को बाजार में क्यों बेच रही है और ग्राहकों को परेशानी में डाल रही है?
जब यूज़र इस समस्या को लेकर ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पहुंचे, तो कीबोर्ड ठीक करने के नाम पर उनसे ₹8,500 की मांग की गई. भारी-भरकम ₹8,500 का खर्च बताने के बाद भी कंपनी ने इस पेड रिपेयर पर सिर्फ 3 महीने की वारंटी देने की बात कही. यूज़र ने सवाल उठाया कि अगर 3 महीने बाद यह दोबारा खराब हो गया तो क्या ग्राहक हर बार जेब ढीली करता रहेगा? कम से कम 1 साल की वारंटी क्यों नहीं दी जा रही?
यूज़र ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने कॉल, मैसेज और ईमेल के जरिए कई बार कंपनी से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन सैमसंग की ओर से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला.
घटिया बिल्ड क्वालिटी, महंगे रिपेयर और सपोर्ट न मिलने से तंग आकर यूज़र ने अन्य लोगों को सैमसंग गैलेक्सी बुक सीरीज न खरीदने की साफ सलाह दी है.
@SamsungIndia My Galaxy Book’s keyboard has stopped working and turns out this is a common complaint with this model. If quality checks aren’t being done properly before sale, why are you still selling this product? Customers are stuck suffering for it. Fix this.#GalaxyBook
— Rashmi Ranjan (@Rashmiranjan_1) September 1, 2026
सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़
गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ यही एक अकेला मामला नहीं है. आए दिन सोशल मीडिया पर सैमसंग के प्रोडक्ट्स और उनकी आफ्टर-सेल्स सर्विस को लेकर ऐसे ढेरों मामले सामने आते रहते हैं. यहां देखिए कैसे अलग-अलग डिवाइसेज को लेकर यूज़र्स अपना गुस्सा निकाल रहे हैं:
एक यूज़र रोहित महादेव ने शिकायत दर्ज कराई कि खरीदारी के सिर्फ एक महीने बाद ही उनके सैमसंग टीवी की स्क्रीन डेड हो गई. बार-बार शिकायत करने और 24 घंटे बीत जाने के बाद भी ऑनलाइन सपोर्ट की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.
एक और यूज़र ने बताया कि उनके Galaxy S23+ की स्क्रीन के बीचों-बीच अचानक एक वर्टिकल पिंक लाइन (गुलाबी रेखा) आ गई. उन्होंने लिखा कि S-सीरीज में यह एक आम हार्डवेयर समस्या है और अब वे कभी सैमसंग का फ्लैगशिप फोन नहीं खरीदेंगे.
एक और यूज़र ने चेतावनी देते हुए पोस्ट किया कि सैमसंग से कोई भी होम एप्लायंसेज न खरीदें. उनके मुताबिक कंपनी के प्रोडक्ट्स और कस्टमर सर्विस दोनों ही बेहद घटिया हैं.
एक और यूज़र ने कंपनी के बिजनेस एथिक्स पर सवाल उठाते हुए कहा कि सैमसंग इंडिया को ग्राहकों की कोई परवाह नहीं है. उन्होंने अपने रेफ्रिजरेटर को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके एक हफ्ते बाद इंजीनियर देखने आया और फिर एक हफ्ते में जवाब देने की बात कहकर चला गया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला.

ग्राहकों में बढ़ता असंतोष
सैमसंग जैसे ग्लोबल ब्रांड से यूज़र्स बेहतरीन सर्विस और मजबूत प्रोडक्ट्स की उम्मीद करते हैं. लेकिन इस तरह के वाकये यह दर्शाते हैं कि प्रीमियम कीमत वसूलने के बावजूद कंपनियों का ध्यान आफ्टर-सेल्स सर्विस पर उतना नहीं है. देखना होगा कि सोशल मीडिया पर फजीहत झेलने के बाद सैमसंग इस मामले पर क्या संज्ञान लेता है.