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अक्षय तृतीया पर क्या खरीदें? सेंधा नमक को क्यों माना जाता है सबसे खास, जानिए वजह

Rock Salt Benefits On Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया पर जहां सोना खरीदना शुभ माना जाता है, वहीं सेंधा नमक खरीदना भी बेहद फलदायी होता है. इस लेख में जानें इसका महत्व और शुक्र-चंद्र से जुड़ा खास कनेक्शन.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 14, 2026 12:33:02 IST

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Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का पर्व बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है. वर्ष 2026 में यह तिथि 19 अप्रैल को पड़ रही है. ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ होता है-जो कभी समाप्त न हो. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान, जप, और निवेश का फल कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि निरंतर बढ़ता रहता है.आमतौर पर इस दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा काफी लोकप्रिय है, लेकिन एक ऐसा सरल उपाय भी है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं,वह है सेंधा नमक खरीदना. माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर सेंधा नमक घर लाना भी उतना ही शुभ फल देता है जितना कीमती धातुएं खरीदना.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सेंधा नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में सहायक होता है. यदि इस विशेष दिन इसे घर लाया जाए, तो वातावरण शुद्ध होता है और आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगता है. ऐसे घर में धन और अन्न की कमी नहीं रहती.

 शुक्र और चंद्रमा से सेंधा नमक का संबंध

ज्योतिष में सेंधा नमक का संबंध शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है, जो सुख, वैभव, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है. साथ ही इसका संबंध चंद्रमा से भी माना जाता है, जो मन और भावनाओं का कारक है. जब ये दोनों ग्रह मजबूत होते हैं, तो व्यक्ति को मानसिक शांति, स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा मिलती है.ऐसे में अक्षय तृतीया पर सेंधा नमक घर लाने से न केवल धन-समृद्धि के योग बनते हैं, बल्कि घर का माहौल भी शांत और सकारात्मक बना रहता है. मान्यता यह भी है कि इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में स्थायी सुख-समृद्धि आती है.

वास्तु के अनुसार सेंधा नमक के लाभ

वास्तु शास्त्र में सेंधा नमक को बेहद प्रभावशाली माना गया है. अक्षय तृतीया के दिन इसे घर में लाने या दान करने से नकारात्मकता और वास्तु दोष कम होते हैं. यह उपाय जीवन की बाधाओं को दूर करता है और पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का पर्व बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है. वर्ष 2026 में यह तिथि 19 अप्रैल को पड़ रही है. ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ होता है-जो कभी समाप्त न हो. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान, जप, और निवेश का फल कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि निरंतर बढ़ता रहता है.आमतौर पर इस दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा काफी लोकप्रिय है, लेकिन एक ऐसा सरल उपाय भी है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं,वह है सेंधा नमक खरीदना. माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर सेंधा नमक घर लाना भी उतना ही शुभ फल देता है जितना कीमती धातुएं खरीदना.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सेंधा नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में सहायक होता है. यदि इस विशेष दिन इसे घर लाया जाए, तो वातावरण शुद्ध होता है और आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगता है. ऐसे घर में धन और अन्न की कमी नहीं रहती.

 शुक्र और चंद्रमा से सेंधा नमक का संबंध

ज्योतिष में सेंधा नमक का संबंध शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है, जो सुख, वैभव, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है. साथ ही इसका संबंध चंद्रमा से भी माना जाता है, जो मन और भावनाओं का कारक है. जब ये दोनों ग्रह मजबूत होते हैं, तो व्यक्ति को मानसिक शांति, स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा मिलती है.ऐसे में अक्षय तृतीया पर सेंधा नमक घर लाने से न केवल धन-समृद्धि के योग बनते हैं, बल्कि घर का माहौल भी शांत और सकारात्मक बना रहता है. मान्यता यह भी है कि इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में स्थायी सुख-समृद्धि आती है.

वास्तु के अनुसार सेंधा नमक के लाभ

वास्तु शास्त्र में सेंधा नमक को बेहद प्रभावशाली माना गया है. अक्षय तृतीया के दिन इसे घर में लाने या दान करने से नकारात्मकता और वास्तु दोष कम होते हैं. यह उपाय जीवन की बाधाओं को दूर करता है और पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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