Bengal Election Prediction: पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आने में केवल 1 दिन बचा है. इस बीच बंगाल समेत पूरे देश में यही चर्चा है कि ममता आएंगी या जाएंगी? दरअसल, 29 अप्रैल को आए एग्जिट पोल के नतीजे चौंकाने वाले थे. एग्जिट पोल में जहां बीजेपी बमबम है, तो टीएमसी 4 मई को अपनी सरकार बनाने की बात कर रही है. कुल मिलाकर, टीएमसी कॉन्फिडेंस के साथ ममता बनर्जी की वापसी का दावा कर रही है. ये तो रही एग्जिट पोल की बात, लेकिन ग्रह-नक्षत्र आपके कितने साथ हैं? क्योंकि, कुंडली में जब सितारे बदलते हैं राजा को रंक और रंक को भी राजा बना देते हैं. ऐसे में सवाल है कि, आखिर ममता बनर्जी की कुंडली के सितारे किस ओर इशारा कर रहे हैं? ‘दीदी’ की शान बरकरार रख पाएंगे या नहीं? ममता बनर्जी और टीएमसी की कुंडली 2026 में सत्ता दे रही है या फिर राहु-केतु बिगाड़ेंगे खेल? इस बारे में India News ने गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी से बात की-
ज्योतिष गणना और एग्जिट पोल के आंकड़ों ने चौंकाया
ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी कहते हैं कि, बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों से पहले ज्योतिषीय गणनाओं और एग्जिट पोल के आंकड़ों ने सस्पेंस को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. एक तरफ जहां ग्रहों की चाल ममता बनर्जी के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत दे रही है. वहीं, एग्जिट पोल के नतीजों में भी वह हारती नजर आ रही हैं. असल में बंगाल चुनाव पर 4 मई को खेला होने जा रहा है. मतलब, 4 मई के बाद ऐसा संयोग बनने जा रहा है, जो कोलकाता ही नहीं, दिल्ली की सियासत में भी बड़ा रोल अदा कर सकता है.
ममता बनर्जी की कुंडली में सत्ता जाने का खतरा?
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि, इस बार ममता बनर्जी के हाथ से कुर्सी जाती दिख रही है. बता दें कि, उनकी मकर राशि और ग्रहों की स्थिति के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि उनकी हार होती भी है, तो वह बहुत ही कम अंतर से हो सकती है. बता दें कि, ममता बनर्जी की कुंडली में दशम भाव तुला के घर बैठा शनि अब मीन राशि में गोचर कर रहा है. साथ ही काल पुरुष के 12वें भाव के मोक्ष की राशि में गोचर कर रहा है. यहां बता दूं कि, शनि किसी भी राजनेता की कुंडली में राज सत्ता और राज सुख का कारक होता है. अब ऐसी अवस्था में ज्योतिष गणना के अनुसार, 12वें घर यानी मीन राशि में शनि गोचर कर रहा है. दशम भाव में विराजमान होकर तुला के घर यानी शुक्र के घर होने से ममता बनर्जी को राजसत्ता से विमुख कर रहा है. ऐसे में सत्ता की कुर्सी से लगातार दीदी की दूरी बढ़ती जा रही है. वहीं, भाजपा सत्ता के करीब आती दिख रही है.
गुरु की कृपा या शनि का प्रकोप
ज्योतिषीय गणनाओं में जहां शनि और राहु के प्रभाव के कारण ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें बताई जा रही हैं. लेकिन ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को मकर लग्न वाली, पृथ्वी तत्व की मजबूत महिला हैं. उनकी कुंडली में सूर्य मकर में और चंद्रमा वृषभ में है, जो उन्हें जिद्दी, मेहनती और जनता से जुड़ी शक्ति देता है. लेकिन 2026 में शनि और मंगल की दशा चुनौतियां ला रही हैं. बाधाएं, विरोध और अप्रत्याशित घटनाएं होंगी, फिर भी गुरु की दृष्टि स्थिरता दे रही है. उनकी कुंडली बताती है कि राहु की वजह से जनता का व्यवहार अनिश्चित रहेगा, लेकिन उनकी पृथ्वी राशि की मजबूती उन्हें जड़ों से जोड़े रखेगी. शनि कर्मों का हिसाब मांग रहा है.