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Home > हेल्थ > अगर कोलेस्ट्रॉल 270 चला जाए तो क्या होगा? उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए, इसे कैसे करें कंट्रोल

अगर कोलेस्ट्रॉल 270 चला जाए तो क्या होगा? उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए, इसे कैसे करें कंट्रोल

High Cholesterol Problems: हाई कोलेस्ट्रॉल आज गंभीर समस्या बन चुकी है. एक बड़ी संख्या में युवा इस परेशानी का शिकार हैं. कोलेस्ट्रॉल ऐसी स्थिति है कि जब तक कंट्रोल में रहे तभी तक ठीक है. कोलेस्ट्रॉल की मात्रा हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह बन सकता है. अब सवाल है कि, अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल 270 है तो क्या होगा? क्या है कोलेस्ट्रॉल की गणित?

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 19, 2026 11:04:38 IST

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High Cholesterol Problems: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल जीवन पर भारी पड़ रही है. इसी का नतीजा है कि, आज तमाम गंभीर बीमारियां जन्म ले सकती है. हाई कोलेस्ट्रॉल इनमें से एक है. हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या आज तेजी से बढ़ रही है. एक बड़ी संख्या में युवा इस परेशानी का शिकार हैं. कोलेस्ट्रॉल ऐसी स्थिति है कि जब तक कंट्रोल में रहे तभी तक ठीक है. अनकंट्रोल होने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है. बता दें कि, कोलेस्ट्रॉल हमारे खून में पाया जाने वाला मोम जैसा पदार्थ होता है, जो नॉर्मल से ज्यादा हो, तो खून की धमनियों में जम जाता है. इससे हार्ट और ब्रेन में पहुंचने वाले खून की सप्लाई बाधित होती है. कोलेस्ट्रॉल की मात्रा हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह बन सकता है. खून में गुड कोलेस्ट्रॉल 60 mg/dL या इससे अधिक हो, तब इसे नॉर्मल माना जाता है. अब सवाल है कि, अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल 270 है तो क्या होगा? क्या है कोलेस्ट्रॉल की गणित? जानिए कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने का तरीका-

ब्लड में मौजूद कोलेस्ट्रॉल क्या है?

क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक. कोलेस्ट्रॉल मुख्य तौर पर दो तरह का होता है. गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल. बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ना हार्ट हेल्थ के लिए नुकसानदायक माना जाता है और अधिकतर लोगों को यही समस्या होती है. गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर नॉर्मल रहना चाहिए, क्योंकि यह अक्सर कम हो जाता है. गुड कोलेस्ट्रॉल को हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (HDL) और बैड कोलेस्ट्रॉल को लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) कहा जाता है. इनके अलावा खून में ट्राइग्लिसराइड्स भी होता है, जिसे कंट्रोल करना चाहिए.

कोलेस्ट्रॉल 270 है तो क्या होगा?

रिपोर्ट के मुताबिक, 270 mg/dL कोलेस्ट्रॉल बहुत ज़्यादा होता है. उच्च कोलेस्ट्रॉल आपकी धमनियों की दीवारों में प्लाक नामक वसा का जमाव कर सकता है. यह प्लाक आपकी धमनियों को संकरा और सख्त कर देता है, जिससे रक्त प्रवाह सीमित हो जाता है. ऐसी स्थिति हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है. अगर किसी में 270 कोलेस्ट्रॉल हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें. लेकिन, इससे पहले जरूरी है कि, जीवनशैली में बदलाव (जैसे स्वस्थ आहार और व्यायाम) करें.

उम्र के हिसाब से कोलेस्ट्रॉल कितना हो

उम्र                                              कुल कोलेस्ट्रॉल   ट्राइग्लिसराइड    एलडीएल       एचडीएल
19 वर्ष व उससे कम                        170 से कम         150 से कम           110 से कम     45 से अधिक
20 वर्ष से अधिक पुरुष                     125 से 200        150 से कम            100 से कम     40 या अधिक
20 वर्ष से अधिक महिलाएं                 125 से 200        150 से कम            100 से कम     50 या अधिक

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के आसान तरीके

  • कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए हेल्दी डाइट लेना जरूरी है. अपनी डाइट में ओट्स, साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल, बादाम, अखरोट और अलसी के बीज शामिल करें. ये फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाते हैं.
  • एक्सरसाइज कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने का सबसे असरदार तरीका है. रोज 30 मिनट ब्रिस्क वॉक, रनिंग, योग या साइक्लिंग करने से शरीर में फैट बर्न होता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. व्यायाम करने से गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर बढ़ता है और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटता है. अगर आप ऑफिस में लंबे समय तक बैठते हैं, तो हर घंटे कुछ मिनट टहलने की आदत बनाएं.
  • पानी शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है और ब्लड को पतला रखता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कंट्रोल रहता है. दिन में कम से कम 8–10 गिलास पानी पीना चाहिए. सर्दियों में भी गुनगुना पानी पीना फायदेमंद होता है. इसके अलावा ग्रीन टी या लेमन वॉटर का सेवन भी कर सकते हैं.
  • तनाव और स्मोकिंग दोनों ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. स्ट्रेस हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ता है, जिससे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है. जबकि स्मोकिंग आर्टरीज को नुकसान पहुंचाती है और गुड कोलेस्ट्रॉल को घटाती है. तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन, योग और डीप ब्रीदिंग को अपने रूटीन में शामिल करें.
  • अच्छी नींद न लेना और अनियमित जीवनशैली भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का बड़ा कारण है. रोज कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें और सोने-जागने का फिक्स टाइम सेट करें. देर रात तक जागने और जंक फूड खाने की आदत को छोड़ें.

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Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 19, 2026 11:04:38 IST

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High Cholesterol Problems: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल जीवन पर भारी पड़ रही है. इसी का नतीजा है कि, आज तमाम गंभीर बीमारियां जन्म ले सकती है. हाई कोलेस्ट्रॉल इनमें से एक है. हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या आज तेजी से बढ़ रही है. एक बड़ी संख्या में युवा इस परेशानी का शिकार हैं. कोलेस्ट्रॉल ऐसी स्थिति है कि जब तक कंट्रोल में रहे तभी तक ठीक है. अनकंट्रोल होने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है. बता दें कि, कोलेस्ट्रॉल हमारे खून में पाया जाने वाला मोम जैसा पदार्थ होता है, जो नॉर्मल से ज्यादा हो, तो खून की धमनियों में जम जाता है. इससे हार्ट और ब्रेन में पहुंचने वाले खून की सप्लाई बाधित होती है. कोलेस्ट्रॉल की मात्रा हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह बन सकता है. खून में गुड कोलेस्ट्रॉल 60 mg/dL या इससे अधिक हो, तब इसे नॉर्मल माना जाता है. अब सवाल है कि, अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल 270 है तो क्या होगा? क्या है कोलेस्ट्रॉल की गणित? जानिए कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने का तरीका-

ब्लड में मौजूद कोलेस्ट्रॉल क्या है?

क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक. कोलेस्ट्रॉल मुख्य तौर पर दो तरह का होता है. गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल. बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ना हार्ट हेल्थ के लिए नुकसानदायक माना जाता है और अधिकतर लोगों को यही समस्या होती है. गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर नॉर्मल रहना चाहिए, क्योंकि यह अक्सर कम हो जाता है. गुड कोलेस्ट्रॉल को हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (HDL) और बैड कोलेस्ट्रॉल को लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) कहा जाता है. इनके अलावा खून में ट्राइग्लिसराइड्स भी होता है, जिसे कंट्रोल करना चाहिए.

कोलेस्ट्रॉल 270 है तो क्या होगा?

रिपोर्ट के मुताबिक, 270 mg/dL कोलेस्ट्रॉल बहुत ज़्यादा होता है. उच्च कोलेस्ट्रॉल आपकी धमनियों की दीवारों में प्लाक नामक वसा का जमाव कर सकता है. यह प्लाक आपकी धमनियों को संकरा और सख्त कर देता है, जिससे रक्त प्रवाह सीमित हो जाता है. ऐसी स्थिति हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है. अगर किसी में 270 कोलेस्ट्रॉल हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें. लेकिन, इससे पहले जरूरी है कि, जीवनशैली में बदलाव (जैसे स्वस्थ आहार और व्यायाम) करें.

उम्र के हिसाब से कोलेस्ट्रॉल कितना हो

उम्र                                              कुल कोलेस्ट्रॉल   ट्राइग्लिसराइड    एलडीएल       एचडीएल
19 वर्ष व उससे कम                        170 से कम         150 से कम           110 से कम     45 से अधिक
20 वर्ष से अधिक पुरुष                     125 से 200        150 से कम            100 से कम     40 या अधिक
20 वर्ष से अधिक महिलाएं                 125 से 200        150 से कम            100 से कम     50 या अधिक

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के आसान तरीके

  • कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए हेल्दी डाइट लेना जरूरी है. अपनी डाइट में ओट्स, साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल, बादाम, अखरोट और अलसी के बीज शामिल करें. ये फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाते हैं.
  • एक्सरसाइज कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने का सबसे असरदार तरीका है. रोज 30 मिनट ब्रिस्क वॉक, रनिंग, योग या साइक्लिंग करने से शरीर में फैट बर्न होता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. व्यायाम करने से गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर बढ़ता है और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटता है. अगर आप ऑफिस में लंबे समय तक बैठते हैं, तो हर घंटे कुछ मिनट टहलने की आदत बनाएं.
  • पानी शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है और ब्लड को पतला रखता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कंट्रोल रहता है. दिन में कम से कम 8–10 गिलास पानी पीना चाहिए. सर्दियों में भी गुनगुना पानी पीना फायदेमंद होता है. इसके अलावा ग्रीन टी या लेमन वॉटर का सेवन भी कर सकते हैं.
  • तनाव और स्मोकिंग दोनों ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. स्ट्रेस हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ता है, जिससे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है. जबकि स्मोकिंग आर्टरीज को नुकसान पहुंचाती है और गुड कोलेस्ट्रॉल को घटाती है. तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन, योग और डीप ब्रीदिंग को अपने रूटीन में शामिल करें.
  • अच्छी नींद न लेना और अनियमित जीवनशैली भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का बड़ा कारण है. रोज कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें और सोने-जागने का फिक्स टाइम सेट करें. देर रात तक जागने और जंक फूड खाने की आदत को छोड़ें.

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