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क्‍या पीरियड्स में संबंध बनाने का ज्यादा मन करता है? इस वक्त संभोग करना कितना सुरक्षित, क्या सावधानियां जरूरी

Physical Relation During Periods: समय पर पीरियड्स आना एक महिला के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. इन दिनों महिलाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं. जिसमें सेक्स की इच्छा भी शामिल है. लेकिन, क्या इस वक्त संभोग करना सुरक्षित है? पुरुषों को क्या हो सकती परेशानियां? अगर सेक्स करें तो क्या सावधानियां बरतें? पीरियड्स में संबंध बनाने के फायदे क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-

Written By:
Edited By: JP YADAV
Last Updated: 2026-04-20 11:28:47

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Physical Relation During Periods: समय पर पीरियड्स आना एक महिला के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. इन दिनों महिलाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं. जिसमें सेक्स की इच्छा भी शामिल है. कुछ महिलाएं जहां पीरियड्स के वक्त ज्यादा सेंसेटिव और इमोशनल फील करती हैं तो वहीं काफी सारी महिलाओं में सेक्स ड्राइव में तेजी देखी जाती है. महिलाएं इसको लेकर काफी कंफ्यूज रहती है, क्योंकि उन्हें लगता है कि पीरियड्स के दिनों में सेक्स करना हेल्थ के लिए ठीक नहीं है. ये तो रही पीरियड्स में संबंध बनाने की, लेकिन क्या इस वक्त संभोग करना सुरक्षित है? पुरुषों को क्या हो सकती परेशानियां? अगर सेक्स करें तो क्या सावधानियां बरतें? पीरियड्स में संबंध बनाने के फायदे क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-

पीरियड्स में सेक्स का मन क्यों करता है?

ओवेल्युएशन के टाइम से ही महिलाओं में इंटीमेसी की फीलिंग बढ़ जाती है. दरअसल, जैसे-जैसे पीरियड्स करीब आते हैं महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं. जिनकी वजह से लिबिडो में तेजी देखने को मिलती है. एस्ट्रोजन और टेस्टेस्टेरोन में उतार-चढ़ाव की वजह से बॉडी ज्यादा सेंसेटिव महसूस करती है.

पीरियड्स में संबंध बनाना कितना सेफ?

हेल्थलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीरियड्स के समय सेक्‍स करने में कोई दिक्‍कत नहीं है, लेकिन प्रोटेक्‍शन का इस्‍तेमाल बेहद जरूरी है. दरअसल, महिलाओं के पीरियड्स के समय होने वाले रक्‍तस्राव में बैक्‍टीरिया पनपने की आशंका ज्‍यादा होती है. अगर उस दौरान बिना किसी सुरक्षा या कंडोम के यौन संबंध बनाया जाए तो पुरुष को भी इंफेक्‍शन होने की आशंका बढ़ जाती है. प्राचीन आयुर्वेद में भी यह लिखा गया है कि मासिक रक्‍सस्राव के समय यौन संबंधों से दूरी बनाकर रखी जाए.

पीरियड्स में सेक्स करें तो क्या रखें सावधानियां?

  • यदि आपको तो पीरियड्स के समय असुरक्षित संबंध बनाने के कारण लिंग में कोई इंफेक्‍शन हो गया है तो आप बिलकुल भी समय बर्बाद किए बगैर तुरंत किसी अच्‍छे डॉक्‍टर से संपर्क करें और अपना इलाज करवाएं. डॉक्‍टरी सलाह के बगैर अपने मन से अपना इलाज करने की कोशिश न करें. और हां, किसी भी प्रकार की चिंता या परेशानी को अपने दिमाग से निकाल दें. यह कोई बड़ी समस्‍या नहीं है. कोई मामूली इंफेक्‍शन हो सकता है, जो दवाइयों के सेवन से ठीक हो जाएगा.
  • सेक्‍स के मामले में तो यह बात पूरी तरह लागू होती है कि हम जो चाहें, कर सकते हैं, बस सावधानी और सुरक्षा बहुत जरूरी है. अब वक्‍त बदल रहा है. विज्ञान ने काफी प्रगति कर ली है, इसलिए इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि संबंध बिलकुल नहीं बनाने चाहिए. पीरियड्स के समय यौन संबंध बनाने में कोई नुकसान नहीं है, लेकिन चूंकि उस दौरान इंफेक्‍शन का डर ज्‍यादा होता है, इसलिए कंडोम का इस्‍तेमाल जरूरी है.
  • अगर सुरक्षा का पूरा ख्‍याल रखा जाए तो पीरियड्स के दौरान सेक्‍स से कोई नुकसान नहीं है, बल्कि कई महिलाओं के लिए पी‍रियड्स के समय सेक्‍स का अनुभव ज्‍यादा आनंददायक होता है. पीरियड्स एक तरह से नैचुरल लुब्रीकेंट का काम करते हैं और महिला को खासतौर पर ज्‍यादा आनंद का अनुभव होता है.
  • इसलिए पीरियड्स के समय सेक्‍स करना या न करना, दो व्‍यक्तियों की मानसिक और शारीरिक इच्‍छा पर ही निर्भर है. इसे लेकर मन में किसी प्रकार का भ्रम पालने, चिंतित या परेशान होने की जरूरत नहीं है.

पीरियड्स में संबंध बनाने के फायदे?

  • काफी सारी महिलाओं को पीरियड्स के टाइम सेक्स से पीरियड्स में होने वाले डिस्कंफर्ट और दर्द से छुटकारा मिलता है. फिजिकल इंटीमेसी एंडोर्फिंस हार्मोंस को बढ़ाती है जो कि एक नेचुरल पेन किलर है. जिससे दर्द कम होने में मदद मिलती है.
  • महिलाओं में पीरियड्स के टाइम पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है. साथ ही पीरियड्स के पहले होने वाले वजाइनल डिस्चार्ज की वजह से वजाइना के एरिया में ज्यादा सेंसेटिविटी, ल्यूब्रिकेशन और दर्द में कमी महसूस होती है. जिसकी वजह से वजाइनल एरिया ज्यादा सेंसिटिव फील होता है और महिलाओं में इंटीमेसी की इच्छा बढ़ जाती है.
  • काफी सारी महिलाएं मेंस्ट्रुएशन के वक्त बॉडी के साथ ज्यादा कनेक्टेड फील करती हैं. जिसकी वजह से उनकी लिबिडो बढ़ जाती है और वो ज्यादा सेक्स की इच्छा फील करती हैं.

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Edited By: JP YADAV
Last Updated: 2026-04-20 11:28:47

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Physical Relation During Periods: समय पर पीरियड्स आना एक महिला के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. इन दिनों महिलाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं. जिसमें सेक्स की इच्छा भी शामिल है. कुछ महिलाएं जहां पीरियड्स के वक्त ज्यादा सेंसेटिव और इमोशनल फील करती हैं तो वहीं काफी सारी महिलाओं में सेक्स ड्राइव में तेजी देखी जाती है. महिलाएं इसको लेकर काफी कंफ्यूज रहती है, क्योंकि उन्हें लगता है कि पीरियड्स के दिनों में सेक्स करना हेल्थ के लिए ठीक नहीं है. ये तो रही पीरियड्स में संबंध बनाने की, लेकिन क्या इस वक्त संभोग करना सुरक्षित है? पुरुषों को क्या हो सकती परेशानियां? अगर सेक्स करें तो क्या सावधानियां बरतें? पीरियड्स में संबंध बनाने के फायदे क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-

पीरियड्स में सेक्स का मन क्यों करता है?

ओवेल्युएशन के टाइम से ही महिलाओं में इंटीमेसी की फीलिंग बढ़ जाती है. दरअसल, जैसे-जैसे पीरियड्स करीब आते हैं महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं. जिनकी वजह से लिबिडो में तेजी देखने को मिलती है. एस्ट्रोजन और टेस्टेस्टेरोन में उतार-चढ़ाव की वजह से बॉडी ज्यादा सेंसेटिव महसूस करती है.

पीरियड्स में संबंध बनाना कितना सेफ?

हेल्थलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीरियड्स के समय सेक्‍स करने में कोई दिक्‍कत नहीं है, लेकिन प्रोटेक्‍शन का इस्‍तेमाल बेहद जरूरी है. दरअसल, महिलाओं के पीरियड्स के समय होने वाले रक्‍तस्राव में बैक्‍टीरिया पनपने की आशंका ज्‍यादा होती है. अगर उस दौरान बिना किसी सुरक्षा या कंडोम के यौन संबंध बनाया जाए तो पुरुष को भी इंफेक्‍शन होने की आशंका बढ़ जाती है. प्राचीन आयुर्वेद में भी यह लिखा गया है कि मासिक रक्‍सस्राव के समय यौन संबंधों से दूरी बनाकर रखी जाए.

पीरियड्स में सेक्स करें तो क्या रखें सावधानियां?

  • यदि आपको तो पीरियड्स के समय असुरक्षित संबंध बनाने के कारण लिंग में कोई इंफेक्‍शन हो गया है तो आप बिलकुल भी समय बर्बाद किए बगैर तुरंत किसी अच्‍छे डॉक्‍टर से संपर्क करें और अपना इलाज करवाएं. डॉक्‍टरी सलाह के बगैर अपने मन से अपना इलाज करने की कोशिश न करें. और हां, किसी भी प्रकार की चिंता या परेशानी को अपने दिमाग से निकाल दें. यह कोई बड़ी समस्‍या नहीं है. कोई मामूली इंफेक्‍शन हो सकता है, जो दवाइयों के सेवन से ठीक हो जाएगा.
  • सेक्‍स के मामले में तो यह बात पूरी तरह लागू होती है कि हम जो चाहें, कर सकते हैं, बस सावधानी और सुरक्षा बहुत जरूरी है. अब वक्‍त बदल रहा है. विज्ञान ने काफी प्रगति कर ली है, इसलिए इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि संबंध बिलकुल नहीं बनाने चाहिए. पीरियड्स के समय यौन संबंध बनाने में कोई नुकसान नहीं है, लेकिन चूंकि उस दौरान इंफेक्‍शन का डर ज्‍यादा होता है, इसलिए कंडोम का इस्‍तेमाल जरूरी है.
  • अगर सुरक्षा का पूरा ख्‍याल रखा जाए तो पीरियड्स के दौरान सेक्‍स से कोई नुकसान नहीं है, बल्कि कई महिलाओं के लिए पी‍रियड्स के समय सेक्‍स का अनुभव ज्‍यादा आनंददायक होता है. पीरियड्स एक तरह से नैचुरल लुब्रीकेंट का काम करते हैं और महिला को खासतौर पर ज्‍यादा आनंद का अनुभव होता है.
  • इसलिए पीरियड्स के समय सेक्‍स करना या न करना, दो व्‍यक्तियों की मानसिक और शारीरिक इच्‍छा पर ही निर्भर है. इसे लेकर मन में किसी प्रकार का भ्रम पालने, चिंतित या परेशान होने की जरूरत नहीं है.

पीरियड्स में संबंध बनाने के फायदे?

  • काफी सारी महिलाओं को पीरियड्स के टाइम सेक्स से पीरियड्स में होने वाले डिस्कंफर्ट और दर्द से छुटकारा मिलता है. फिजिकल इंटीमेसी एंडोर्फिंस हार्मोंस को बढ़ाती है जो कि एक नेचुरल पेन किलर है. जिससे दर्द कम होने में मदद मिलती है.
  • महिलाओं में पीरियड्स के टाइम पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है. साथ ही पीरियड्स के पहले होने वाले वजाइनल डिस्चार्ज की वजह से वजाइना के एरिया में ज्यादा सेंसेटिविटी, ल्यूब्रिकेशन और दर्द में कमी महसूस होती है. जिसकी वजह से वजाइनल एरिया ज्यादा सेंसिटिव फील होता है और महिलाओं में इंटीमेसी की इच्छा बढ़ जाती है.
  • काफी सारी महिलाएं मेंस्ट्रुएशन के वक्त बॉडी के साथ ज्यादा कनेक्टेड फील करती हैं. जिसकी वजह से उनकी लिबिडो बढ़ जाती है और वो ज्यादा सेक्स की इच्छा फील करती हैं.

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