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ABVP कार्यकर्ता से लेकर सांसद तक… कैसा है धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर, कब बने थे शिक्षा मंत्री?

Dharmendra Pradhan Political Career: नीट पेपर लीक के विरोध में धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि अब तक उनका राजनीतिक करियर कैसा रहा है.

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Published: July 25, 2026 15:59:00 IST
Last Updated: 2026-07-25 16:02:20

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Dharmendra Pradhan Political Career: नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. ऐसे में आइए उनके राजनीतिक करियर के बारे में जानते हैं. धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ शुरू हुआ. उन्होंने 1983 में तालचेर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ABVP कार्यकर्ता के तौर पर शुरुआत की. 1985 में वे तालचेर कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष बने.

अगले दशक में वे संगठन में आगे बढ़ते गए और 1993 में ABVP के राज्य सचिव और 1995 में राष्ट्रीय सचिव बने. इसके बाद 1998 में धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए.

ओडिशा से चुनावी राजनीति में रखा कदम

धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में चुनावी राजनीति में कदम रखा और 2000 से 2004 तक ओडिशा विधानसभा के सदस्य रहे. इस दौरान 2001 में उन्हें ओडिशा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया और 2002 में वे बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव बने. 2004 में वे 14वीं लोकसभा के लिए चुने गए. उसी साल उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया.

संसदीय करियर

एक सांसद के तौर पर प्रधान ने कई समितियों और संसदीय निकायों में काम किया. 2004 में लोकसभा में आने के बाद वे याचिका समिति और ऊर्जा समिति के सदस्य रहे. अगस्त 2007 से उन्होंने ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति के सदस्य के तौर पर काम किया.

2012 और 2014 के बीच वे सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सदस्य रहे. उन्होंने मई 2012 से अक्टूबर 2013 तक टेलीकॉम लाइसेंस और स्पेक्ट्रम के आवंटन और कीमत से जुड़े मुद्दों की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति में भी काम किया. वे अप्रैल 2012 से 2018 तक सांसद रहे और जून 2024 में 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए.

केंद्र सरकार में संभाले कई अहम मंत्रालय

धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाले. सितंबर 2017 में वे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री बने. मई 2019 से जुलाई 2021 तक उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री तथा इस्पात मंत्री के रूप में कार्य किया.

यह भी पढ़ें –  ‘ताकि देश-विरोधी ताकतें फायदा न उठा सकें’ धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में और क्या-क्या लिखा?

2021 से संभाल रहे थे शिक्षा मंत्री का कार्यभार

उनके राजनीतिक करियर में एक बड़ा मोड़ 7 जुलाई 2021 को आया, जब उन्होंने शिक्षा मंत्री तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री का कार्यभार संभाला. जून 2024 में 18वीं लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने 9 जून 2024 को केंद्रीय शिक्षा कैबिनेट मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया. प्रधान को ओडिशा विधानसभा के सर्वश्रेष्ठ विधायी पुरस्कार ‘उत्कलमणि गोपबंधु प्रतिभा सम्मान’ से भी सम्मानित किया गया.

धर्मेंद्र प्रधान के परिवार में कौन-कौन हैं?

26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में जन्मे धर्मेंद्र प्रधान, देवेंद्र प्रधान और बसंत मंजरी प्रधान के पुत्र हैं. उन्होंने ओडिशा के वाणी विहार स्थित उत्कल विश्वविद्यालय से मानव विज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी) में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की. धर्मेंद्र प्रधान ने 9 दिसंबर 1998 को मृदुला ठाकुर प्रधान से विवाह किया. इस दंपत्ति के दो बच्चे हैं – एक बेटा और एक बेटी.

यह भी पढ़ें – धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लेटर

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Published: July 25, 2026 15:59:00 IST
Last Updated: 2026-07-25 16:02:20

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Dharmendra Pradhan Political Career: नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. ऐसे में आइए उनके राजनीतिक करियर के बारे में जानते हैं. धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ शुरू हुआ. उन्होंने 1983 में तालचेर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ABVP कार्यकर्ता के तौर पर शुरुआत की. 1985 में वे तालचेर कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष बने.

अगले दशक में वे संगठन में आगे बढ़ते गए और 1993 में ABVP के राज्य सचिव और 1995 में राष्ट्रीय सचिव बने. इसके बाद 1998 में धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए.

ओडिशा से चुनावी राजनीति में रखा कदम

धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में चुनावी राजनीति में कदम रखा और 2000 से 2004 तक ओडिशा विधानसभा के सदस्य रहे. इस दौरान 2001 में उन्हें ओडिशा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया और 2002 में वे बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव बने. 2004 में वे 14वीं लोकसभा के लिए चुने गए. उसी साल उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया.

संसदीय करियर

एक सांसद के तौर पर प्रधान ने कई समितियों और संसदीय निकायों में काम किया. 2004 में लोकसभा में आने के बाद वे याचिका समिति और ऊर्जा समिति के सदस्य रहे. अगस्त 2007 से उन्होंने ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति के सदस्य के तौर पर काम किया.

2012 और 2014 के बीच वे सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सदस्य रहे. उन्होंने मई 2012 से अक्टूबर 2013 तक टेलीकॉम लाइसेंस और स्पेक्ट्रम के आवंटन और कीमत से जुड़े मुद्दों की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति में भी काम किया. वे अप्रैल 2012 से 2018 तक सांसद रहे और जून 2024 में 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए.

केंद्र सरकार में संभाले कई अहम मंत्रालय

धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाले. सितंबर 2017 में वे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री बने. मई 2019 से जुलाई 2021 तक उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री तथा इस्पात मंत्री के रूप में कार्य किया.

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2021 से संभाल रहे थे शिक्षा मंत्री का कार्यभार

उनके राजनीतिक करियर में एक बड़ा मोड़ 7 जुलाई 2021 को आया, जब उन्होंने शिक्षा मंत्री तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री का कार्यभार संभाला. जून 2024 में 18वीं लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने 9 जून 2024 को केंद्रीय शिक्षा कैबिनेट मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया. प्रधान को ओडिशा विधानसभा के सर्वश्रेष्ठ विधायी पुरस्कार ‘उत्कलमणि गोपबंधु प्रतिभा सम्मान’ से भी सम्मानित किया गया.

धर्मेंद्र प्रधान के परिवार में कौन-कौन हैं?

26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में जन्मे धर्मेंद्र प्रधान, देवेंद्र प्रधान और बसंत मंजरी प्रधान के पुत्र हैं. उन्होंने ओडिशा के वाणी विहार स्थित उत्कल विश्वविद्यालय से मानव विज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी) में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की. धर्मेंद्र प्रधान ने 9 दिसंबर 1998 को मृदुला ठाकुर प्रधान से विवाह किया. इस दंपत्ति के दो बच्चे हैं – एक बेटा और एक बेटी.

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