Satya Niketan building accident: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर पांच पहुंच गया है. मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान जारी है. इसी बीच हादसे को लेकर प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. सिविक सेंटर स्थित MCD कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान हंगामा और तोड़फोड़ भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने करीब 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
5 मौतों के बाद सड़क पर उतरा गुस्सा
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे में कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं. मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है.
150-200 ABVP कार्यकर्ता सिविक सेंटर पहुंचे
हादसे के विरोध में करीब 150 से 200 ABVP छात्र सिविक सेंटर पहुंचे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारी गेट नंबर 5 से परिसर में दाखिल हुए और मुख्य इमारत के बाहर बैठकर MCD के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग सत्य निकेतन हादसे की जिम्मेदारी तय करना और MCD कमिश्नर के इस्तीफे की थी. ABVP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इमारतों की सुरक्षा और निर्माण से जुड़े मामलों में लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
विरोध से हंगामा और तोड़फोड़ तक पहुंचा मामला
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर की मुख्य इमारत में जबरन दाखिल होने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई. हंगामे के बीच MCD कार्यालय में तोड़फोड़ की भी घटना सामने आई. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने करीब 15 छात्रों को हिरासत में लेकर कमला मार्केट थाने पहुंचाया. पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है. बाकी प्रदर्शनकारियों को भी मौके से हटा दिया गया.
MCD कमिश्नर को इस्तीफा देना चाहिए
ABVP के एक प्रदर्शनकारी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब लोग और छात्र हादसे में जान गंवा रहे हैं और मलबे में दबे हुए हैं, तब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है. प्रदर्शनकारी ने MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि हादसे की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और अधिकारियों को जवाब देना चाहिए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नगर निगम की लापरवाही पर जवाबदेही तय किए बिना उनका विरोध खत्म नहीं होगा.
हादसे के बाद बढ़ा प्रशासन पर दबाव
सत्य निकेतन हादसे के बाद जहां बचाव अभियान जारी है, वहीं प्रशासन और नगर निगम के सामने जवाबदेही का सवाल भी खड़ा हो गया है. ABVP के प्रदर्शन और MCD कार्यालय में हुई तोड़फोड़ ने मामले को राजनीतिक रंग भी दे दिया है. फिलहाल पुलिस का कहना है कि सिविक सेंटर की स्थिति नियंत्रण में है. दूसरी ओर, हादसे की गंभीरता को देखते हुए मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश का अभियान लगातार जारी है.