Kenya President William Ruto on Tata: टाटा केमिकल्स ने केन्या में ऑपरेशन बंद करने के प्रेसिडेंट विलियम रूटो के ऑर्डर के बारे में एक क्लैरिफिकेशन जारी किया है. कंपनी ने कहा कि उसने 11 अगस्त, 2026 को सरकार को सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स और एक डिटेल्ड कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा कर दी थी, और कंपनी सभी रेगुलेशंस का पूरी तरह से पालन कर रही है.
दरअसल, गुरुवार को काजियाडो के अपने दौरे के दौरान, प्रेसिडेंट रूटो ने टाटा की जगह नए इन्वेस्टर्स लाने के प्लान्स की घोषणा की. उन्होंने कहा कि नए इन्वेस्टर्स को केन्या में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स लगाने होंगे, जबकि टाटा केमिकल्स अभी वहां सिर्फ माइनिंग और बेसिक प्रोसेसिंग में लगी हुई है.
टाटा केमिकल्स सोडा ऐश बनाने के लिए मगाडी झील से रॉ मटेरियल निकालता है और इसे भारत समेत दुनिया भर में एक्सपोर्ट करता है. रूटो ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?” 100 साल के कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद, टाटा ने कोई नई फैक्ट्री नहीं लगाई है और न ही कोई डेवलपमेंट का काम किया है.
केन्या के प्रेसिडेंट ने क्या कहा है?
केन्या के प्रेसिडेंट विलियम रूटो ने कहा कि इतने सालों के ऑपरेशन के बावजूद, टाटा केमिकल्स की मौजूदगी से केन्या की इकॉनमी या लोकल लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ है. उन्होंने आदेश दिया कि कंपनी देश में तुरंत अपना ऑपरेशन बंद कर दे. प्रेसिडेंट रूटो के मुताबिक, केन्या सरकार टाटा केमिकल्स मगदी का ऑपरेशन अपने हाथ में लेने और प्लांट को मैनेज करने के लिए दो नई, लोकल या विदेशी कंपनियों को लाने की तैयारी कर रही है.
टाटा केमिकल्स ने क्या कहा?
टाटा केमिकल्स ने कहा, “हमने 28 जुलाई के सरकार के लेटर के जवाब में 11 अगस्त को केन्या सरकार को सभी ज़रूरी जानकारी और रिपोर्ट जमा कर दी थीं. हम पूरी तरह से नियमों का पालन कर रहे हैं. हम केन्या सरकार के अधिकार का सम्मान करते हैं और बातचीत के ज़रिए हल निकालने के लिए कमिटेड हैं. हमारे कर्मचारियों और लोकल मगदी कम्युनिटी के हित हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं.”
टाटा केमिकल्स के शेयर्स पर असर
जैसे ही यह खबर पब्लिक हुई, टाटा केमिकल्स के शेयर BSE पर 3% गिरकर ₹625 के अपने दिन के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए. इस साल का रिकॉर्ड देखें तो 2026 में अब तक स्टॉक में 15% की गिरावट आ चुकी है, जबकि पिछले साल इन्वेस्टर्स को 30% से ज़्यादा का नुकसान हुआ है.
कितना बड़ा है ये बिजनेस?
यह यूनिट पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में सोडा ऐश की सबसे बड़ी प्रोड्यूसर है और केन्या के बड़े एक्सपोर्ट में से एक है. प्लांट की सालाना सोडा ऐश प्रोडक्शन कैपेसिटी 350,000 टन है. FY 2026 में, केन्याई यूनिट ने टाटा केमिकल्स के कुल EBITDA में लगभग 6% का योगदान दिया.
टाटा ग्रुप का केन्या के साथ रिश्ता कब से है?
टाटा केमिकल्स ने 2005 में मगदी सोडा कंपनी को एक्वायर किया था, जिसका नाम बाद में टाटा केमिकल्स मगदी लिमिटेड कर दिया गया. यह प्लांट पिछले 21 सालों से लगातार चल रहा है और केन्या की इकॉनमी में अहम भूमिका निभाता है.
टाटा केमिकल्स की वित्तीय स्थिति
टाटा केमिकल्स दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सोडा ऐश उत्पादक कंपनी है.30 जून 2026 को खत्म हुई पहली तिमाही में कंपनी के नतीजे कमजोर रहे हैं.कंपनी को पहली तिमाही में ₹17 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ. वहीं कुल रेवेन्यू 14.4% बढ़कर ₹4,255 करोड़ रहा. जबकि कुल EBITDA 14.5% घटकर ₹555 करोड़ रह गया.