Tax Saving Tips: हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का समय आते ही सबसे ज्यादा चर्चा टैक्स बचाने के तरीकों और मिलने वाली छूट को लेकर होने लगती है. आईटीआर भरने की आखिरी तारीख नजदीक है, इसलिए लोग टैक्स बचाने के अलग-अलग तरीके देख रहे हैं. कई लोगों का मानना होता है कि सभी नौकरीपेशा कर्मचारियों को एक जैसी टैक्स छूट मिलती है, लेकिन देखा जाए तो यह पूरी तरह से सही नहीं है.
भारत का आयकर सिस्टम व्यक्ति की आय, टैक्स व्यवस्था के साथ ही मिलने वाले भत्तों आदि के आधार पर टैक्स में छूट देती है. हालांकि, इससे सैलरी का मतलब नहीं है. एक ही सैलरी मिलने वाले दो लोगों को टैक्स में अलग-अलग छूट मिल सकती है. चलिए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में.
क्या सभी नौकरीपेशा लोगों को बराबर टैक्स छूट मिलती है?
देखा जाए तो ऐसा जरूरी नहीं कि हर नौकरीपेशा लोगों को बराबर टैक्स छूट नहीं मिलती है. हालांकि, टैक्स में मिलने वाला लाभ कई बातों पर निर्भर करता है. इसमें देखा जाता है कि आपकी सालाना आय कितनी है, आपने कौन-सी टैक्स व्यवस्था चुनी है साथ ही साथ आपने किन जगहों या प्लेटफॉर्मे्स में निवेश कर रखा है. इसके अलावा यह भी देखा जाता है कि आप NPS में कितना योगदान दे रहे हैं और आपने कोई इंश्योरेंस या फिर सरकारी स्कीम ली हुई है या फिर नहीं. इन सभी पहलुओं के आधार पर यह डिसाइड होता है कि किसे टैक्स में कितनी छूट मिलनी है. अगर आपने ऐसा किया है तो आपको टैक्स में अतिरिक्त छूट मिल सकती है.
टैक्स बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है. इसके लिए आपको सरकारी जगहों पर निवेश करना चाहिए जैसे पीपीएफ, एलआईसी और पोस्ट ऑफिस की स्कीमें आदि. इसके अलावा आपको आयकर नियमों में समय-समय पर होने वाले बदलावों की जानकारी रखनी चाहिए साथ ही साथ रिटर्न समय पर फाइल कर देना चाहिए. इसके अलावा आपको टैक्स एडवाइजर से सलाह लेनी चाहिए और किसी तरह की गलती नहीं करनी चाहिए. कई बार गलत जानकारी रहने से टैक्स रिफंड कैंसल भी हो जाता है.