Delhi air pollution: दिल्ली में दशहरे के बाद हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है. बुधवार सुबह राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया. वहीं, पूसा और चांदनी चौक जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब दर्ज की गई. कई जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के आसपास या उससे ऊपर रहा. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर पूसा में AQI 318 और चांदनी चौक में 302 दर्ज किया गया. आरके पुरम में यह 300 रहा. दशहरे के बाद बढ़े प्रदूषण ने राजधानी में हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
दिल्ली के किन इलाकों में कितना प्रदूषण?
बुधवार सुबह 8:05 बजे दर्ज AQI के आंकड़े इस प्रकार हैं:
| जगह | AQI | हवा की स्थिति |
| पूसा | 318 | बहुत खराब |
| चांदनी चौक | 302 | बहुत खराब |
| आरके पुरम | 300 | बहुत खराब |
| मंदिर मार्ग | 289 | खराब |
| द्वारका सेक्टर 8 | 288 | खराब |
| बवाना | 277 | खराब |
| रोहिणी | 276 | खराब |
| ओखला फेज 2 | 272 | खराब |
| जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम | 270 | खराब |
दशहरे पर पटाखे और पुतले जलाने से बढ़ा प्रदूषण
CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच दिल्ली की हवा और खराब हुई. दशहरे के दौरान कई जगह रावण के पुतले जलाए गए और पटाखे फोड़े गए. इससे हवा में धुआं और प्रदूषण फैलने की आशंका है. इसके अलावा, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं. NASA के उपग्रह से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 18 से 20 अक्टूबर के बीच दोनों राज्यों में खेतों में आग लगने की 182 घटनाएं दर्ज की गईं. वहीं, 1 अक्टूबर से अब तक ऐसी कुल 397 घटनाएं सामने आई हैं. पिछले साल इसी अवधि में 523 घटनाएं दर्ज हुई थीं.
दिल्ली का तापमान भी गिरा
बुधवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से कम था. सुबह 9 बजे राजधानी का कुल AQI 233 दर्ज किया गया. हालांकि, अलग-अलग निगरानी केंद्रों के आंकड़ों में अंतर था.
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AQI बढ़ने का क्या मतलब है?
AQI से पता चलता है कि हवा कितनी साफ या प्रदूषित है. इसका स्तर बढ़ने पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं. खराब हवा में सांस लेने से बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से परेशान लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है. ऐसे में लोगों को प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर व्यायाम करने से बचना चाहिए. जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनें और सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें.
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