Live TV
Search
Home > देश > Satya Niketan Building Collapse Death Toll: हादसे के 21 घंटे बाद भी मलबे से निकल रहे हैं शव, जानें अब कितने लोगों की हुई मौत?

Satya Niketan Building Collapse Death Toll: हादसे के 21 घंटे बाद भी मलबे से निकल रहे हैं शव, जानें अब कितने लोगों की हुई मौत?

Satya Niketan Building Collapse Death Toll: स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले सात दिनों से बिल्डिंग के बेसमेंट में गिराने का काम चल रहा था. बेसमेंट पहले से ही कमज़ोर था और उसमें पानी भरा हुआ था. खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिससे पूरी बिल्डिंग गिर गई. हादसे के समय वहां काम कर रहे मज़दूर भी मलबे में दब गए.

Written By:
Edited By: Uttam Ojha
Last Updated: 2026-09-07 12:19:30

Mobile Ads 1x1

Satya Niketan Building Collapse Death Toll: दिल्ली में रविवार दोपहर को गिरी एक बिल्डिंग का मलबा अभी भी हटाया जा रहा है. अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोगों को बचाया गया है.पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें AIIMS में भर्ती कराया गया है. कई और लोगों के फंसे होने की आशंका है. ज़िंदा बचे लोगों को ढूंढने के लिए रेस्क्यू डॉग्स और कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है.यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में हुआ. गिरी हुई बिल्डिंग करीब 40 साल पुरानी थी. दिल्ली नगर निगम (MCD) ने इसे खतरनाक घोषित नहीं किया था.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले सात दिनों से बिल्डिंग के बेसमेंट में गिराने का काम चल रहा था. बेसमेंट पहले से ही कमज़ोर था और उसमें पानी भरा हुआ था. खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिससे पूरी बिल्डिंग गिर गई. हादसे के समय वहां काम कर रहे मज़दूर भी मलबे में दब गए.

पास की एक और बिल्डिंग को भी खाली करा लिया गया है, क्योंकि उसमें दरारें आ गई हैं. रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान इस बिल्डिंग के भी गिरने का खतरा है. इसे सुरक्षित रखने के लिए सपोर्ट पिलर लगाए जा रहे हैं.

कैसे गिरी बिल्डिंग?

50 साल पुरानी बिल्डिंग जिसमें लड़कों का PG था, रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे गिर गई, जब ग्राउंड फ्लोर पर रिपेयर का काम चल रहा था. पुलिस ने कहा कि बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था और ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, तभी यह गिरी.हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि कई दिनों की बारिश के बाद बेसमेंट में पानी जमा हो गया था, जिससे शायद नींव कमजोर हो गई थी. पुलिस ने मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, स्ट्रक्चर के रखरखाव में लापरवाही और पब्लिक सेफ्टी को खतरे में डालने जैसे आरोपों में FIR दर्ज की.

साउथवेस्ट दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सुरेंद्र चौधरी ने कन्फर्म किया कि सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने से छह लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि अब तक कुल 11 लोगों को बचाया गया है.एक सीनियर MCD अधिकारी ने कहा कि यह स्ट्रक्चर, जो करीब 50 साल पुराना था, एक रिसेटलमेंट कॉलोनी में 55-स्क्वायर-यार्ड के प्लॉट पर बना था. अधिकारी ने बताया कि यह एक G+4 स्ट्रक्चर था, जबकि ओरिजिनल परमिशन सिर्फ़ G+1 बिल्डिंग के लिए थी.

रेस्क्यू ऑपरेशन

शुरू में मलबे में करीब 30 से 50 स्टूडेंट्स के फंसे होने की आशंका थी, कुछ लोग मलबे के नीचे से मदद के लिए फोन कर रहे थे.अस्पताल ने बताया कि दस घायल लोगों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया. करीब 70 लोगों वाली NDRF की दो टीमों को, एक डॉग स्क्वॉड के साथ, सर्च के लिए लगाया गया था. नीचे फंसे लोगों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर भी मलबे में उतारे गए. दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल थे. लोकल लोग भी इस कोशिश में शामिल हुए, उन्होंने अपने हाथों और जो भी औजार मौजूद थे, उनका इस्तेमाल करके मलबा साफ किया.

हादसे के बाद उठाए गए कदम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालात का जायज़ा लेने के लिए CM गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात की.CM गुप्ता ने इमारत गिरने वाली जगह का दौरा किया और AIIMS में घायलों से मिलीं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी सज़ा मिलेगी, जबकि उनके ऑफिस ने कहा कि सरकार घायलों के परिवारों के संपर्क में है और ज़रूरी मदद दे रही है.

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश 

सत्य निकेतन एक भीड़भाड़ वाला इलाका है जहाँ खाने-पीने की दुकानें और PG रहने की जगहें हैं, और पास के मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में कई स्टूडेंट पढ़ते हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि PG में रहने वाले कई लोग केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के थे.

MCD की कार्रवाई

इमारत गिरने के बाद, MCD ने चार मंज़िल से ज़्यादा ऊँचे गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को तुरंत सील करने का आदेश दिया. पास की एक बिल्डिंग, जिसमें महिलाओं का PG था, को खाली कराकर सील कर दिया गया. दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि गैर-कानूनी स्ट्रक्चर बनने देने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें तुरंत नौकरी से निकालना भी शामिल है.

ABVP का विरोध प्रर्दशन

पुलिस ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के करीब 150-200 छात्र सिविक सेंटर में MCD हेडक्वार्टर पर इकट्ठा हुए. उन्होंने सिविक बॉडी पर लापरवाही का आरोप लगाया और PG कमरों में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. कुछ प्रदर्शनकारियों ने जबरन मेन बिल्डिंग में घुसने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई. करीब 15 छात्रों को हिरासत में लेकर कमला मार्केट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई. पुलिस ने आगे बताया कि बाकी प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया और स्थिति को काबू में कर लिया गया.

MORE NEWS

Home > देश > Satya Niketan Building Collapse Death Toll: हादसे के 21 घंटे बाद भी मलबे से निकल रहे हैं शव, जानें अब कितने लोगों की हुई मौत?

Written By:
Edited By: Uttam Ojha
Last Updated: 2026-09-07 12:19:30

Mobile Ads 1x1

Satya Niketan Building Collapse Death Toll: दिल्ली में रविवार दोपहर को गिरी एक बिल्डिंग का मलबा अभी भी हटाया जा रहा है. अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोगों को बचाया गया है.पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें AIIMS में भर्ती कराया गया है. कई और लोगों के फंसे होने की आशंका है. ज़िंदा बचे लोगों को ढूंढने के लिए रेस्क्यू डॉग्स और कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है.यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में हुआ. गिरी हुई बिल्डिंग करीब 40 साल पुरानी थी. दिल्ली नगर निगम (MCD) ने इसे खतरनाक घोषित नहीं किया था.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले सात दिनों से बिल्डिंग के बेसमेंट में गिराने का काम चल रहा था. बेसमेंट पहले से ही कमज़ोर था और उसमें पानी भरा हुआ था. खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिससे पूरी बिल्डिंग गिर गई. हादसे के समय वहां काम कर रहे मज़दूर भी मलबे में दब गए.

पास की एक और बिल्डिंग को भी खाली करा लिया गया है, क्योंकि उसमें दरारें आ गई हैं. रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान इस बिल्डिंग के भी गिरने का खतरा है. इसे सुरक्षित रखने के लिए सपोर्ट पिलर लगाए जा रहे हैं.

कैसे गिरी बिल्डिंग?

50 साल पुरानी बिल्डिंग जिसमें लड़कों का PG था, रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे गिर गई, जब ग्राउंड फ्लोर पर रिपेयर का काम चल रहा था. पुलिस ने कहा कि बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था और ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, तभी यह गिरी.हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि कई दिनों की बारिश के बाद बेसमेंट में पानी जमा हो गया था, जिससे शायद नींव कमजोर हो गई थी. पुलिस ने मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, स्ट्रक्चर के रखरखाव में लापरवाही और पब्लिक सेफ्टी को खतरे में डालने जैसे आरोपों में FIR दर्ज की.

साउथवेस्ट दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सुरेंद्र चौधरी ने कन्फर्म किया कि सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने से छह लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि अब तक कुल 11 लोगों को बचाया गया है.एक सीनियर MCD अधिकारी ने कहा कि यह स्ट्रक्चर, जो करीब 50 साल पुराना था, एक रिसेटलमेंट कॉलोनी में 55-स्क्वायर-यार्ड के प्लॉट पर बना था. अधिकारी ने बताया कि यह एक G+4 स्ट्रक्चर था, जबकि ओरिजिनल परमिशन सिर्फ़ G+1 बिल्डिंग के लिए थी.

रेस्क्यू ऑपरेशन

शुरू में मलबे में करीब 30 से 50 स्टूडेंट्स के फंसे होने की आशंका थी, कुछ लोग मलबे के नीचे से मदद के लिए फोन कर रहे थे.अस्पताल ने बताया कि दस घायल लोगों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया. करीब 70 लोगों वाली NDRF की दो टीमों को, एक डॉग स्क्वॉड के साथ, सर्च के लिए लगाया गया था. नीचे फंसे लोगों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर भी मलबे में उतारे गए. दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल थे. लोकल लोग भी इस कोशिश में शामिल हुए, उन्होंने अपने हाथों और जो भी औजार मौजूद थे, उनका इस्तेमाल करके मलबा साफ किया.

हादसे के बाद उठाए गए कदम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालात का जायज़ा लेने के लिए CM गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात की.CM गुप्ता ने इमारत गिरने वाली जगह का दौरा किया और AIIMS में घायलों से मिलीं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी सज़ा मिलेगी, जबकि उनके ऑफिस ने कहा कि सरकार घायलों के परिवारों के संपर्क में है और ज़रूरी मदद दे रही है.

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश 

सत्य निकेतन एक भीड़भाड़ वाला इलाका है जहाँ खाने-पीने की दुकानें और PG रहने की जगहें हैं, और पास के मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में कई स्टूडेंट पढ़ते हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि PG में रहने वाले कई लोग केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के थे.

MCD की कार्रवाई

इमारत गिरने के बाद, MCD ने चार मंज़िल से ज़्यादा ऊँचे गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को तुरंत सील करने का आदेश दिया. पास की एक बिल्डिंग, जिसमें महिलाओं का PG था, को खाली कराकर सील कर दिया गया. दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि गैर-कानूनी स्ट्रक्चर बनने देने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें तुरंत नौकरी से निकालना भी शामिल है.

ABVP का विरोध प्रर्दशन

पुलिस ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के करीब 150-200 छात्र सिविक सेंटर में MCD हेडक्वार्टर पर इकट्ठा हुए. उन्होंने सिविक बॉडी पर लापरवाही का आरोप लगाया और PG कमरों में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. कुछ प्रदर्शनकारियों ने जबरन मेन बिल्डिंग में घुसने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई. करीब 15 छात्रों को हिरासत में लेकर कमला मार्केट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई. पुलिस ने आगे बताया कि बाकी प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया और स्थिति को काबू में कर लिया गया.

MORE NEWS