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Satya Niketan Building Collapse Video: एक सेकंड में सब खत्म, सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने पहला वीडियो आया सामने, देखने वालों की कांप गई रूह

Delhi Satya Niketan Building Collapse First Video:सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने की CCTV फुटेज भी वायरल हो रही है, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

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Last Updated: September 7, 2026 07:39:14 IST

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Satya Niketan Building Collapse First Video: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन के पास एक पतली गली में लड़कों का पेइंग गेस्ट (PG) था. PG एक टूटी-फूटी पांच मंजिला बिल्डिंग में था जो रविवार दोपहर (6 अक्टूबर) को अचानक गिर गई. करीब 30 साल पुरानी यह बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिससे पूरी दिल्ली दहल गई. अब तक छह लोगों की मौत की खबर है, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है, और कल दोपहर से बचाव अभियान चल रहा है.

सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने की CCTV फुटेज भी वायरल हो रही है, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है. DU में पढ़ने आने वाले देश भर के छात्र अक्सर सत्य निकेतन जैसी गलियों में बने PG में रहते हैं. यहां बिना परमिशन के कई PG बनाए गए हैं. बच्चों को इन बिल्डिंग में फीस लेकर रहने की जगह दी जाती है, लेकिन उनकी सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं लेता. हादसे के बाद से बच्चों के परिवार देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं और उनसे संपर्क न होने के कारण वे दहशत में हैं.

इस हादसे ने दिल्ली को हिलाकर रख दिया है. जब देश की राजधानी में इतना बड़ा हादसा होता है, तो यह न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि प्रशासन के पब्लिक सेफ्टी सिस्टम पर भी सवाल खड़े करता है.

गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज

दिल्ली पुलिस ने साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में बिल्डिंग मालिक हरिराम और दूसरों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, बिल्डिंग के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है. पुलिस ने कहा, “बिल्डिंग का इस्तेमाल पेइंग गेस्ट (PG) रहने की जगह के तौर पर किया जा रहा था. आरोप है कि ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे यह गिर गई. आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं.”

मलबे में ज़िंदा लोगों को ढूंढ रही है रेस्क्यू टीम

जब बचाव दल मलबा हटा रहे थे और बचाव अभियान चला रहे थे, तो स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने भी इस मुश्किल काम में मदद की, लोगों को बचाने की कोशिश की. उन्होंने अपने नंगे हाथों और मौजूद औजारों का इस्तेमाल करके मलबे में फंसे लोगों को ढूंढना शुरू किया. NDRF की दो टीमें, जिनमें 70 लोग और एक डॉग स्क्वायड है, मलबे में ज़िंदा लोगों को ढूंढ रही हैं.

ज़िंदा लोगों के लिए मलबे के नीचे ऑक्सीजन सिलेंडर

NDRF के एक अधिकारी ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों को सांस लेने में मदद करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नीचे उतारे गए हैं. मौके पर फायर इंजन भी तैनात किए गए हैं. दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), डिस्ट्रिक्ट डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA), दिल्ली नगर निगम, CAT और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई थीं.

जांच के आदेश

हादसे की कुछ डरावनी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं जो किसी को भी हिला देने के लिए काफी हैं. मलबे में फंसे कुछ स्टूडेंट्स अपने मोबाइल फोन पर मदद के लिए पुकारते दिखे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.

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Satya Niketan Building Collapse First Video: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन के पास एक पतली गली में लड़कों का पेइंग गेस्ट (PG) था. PG एक टूटी-फूटी पांच मंजिला बिल्डिंग में था जो रविवार दोपहर (6 अक्टूबर) को अचानक गिर गई. करीब 30 साल पुरानी यह बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिससे पूरी दिल्ली दहल गई. अब तक छह लोगों की मौत की खबर है, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है, और कल दोपहर से बचाव अभियान चल रहा है.

सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने की CCTV फुटेज भी वायरल हो रही है, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है. DU में पढ़ने आने वाले देश भर के छात्र अक्सर सत्य निकेतन जैसी गलियों में बने PG में रहते हैं. यहां बिना परमिशन के कई PG बनाए गए हैं. बच्चों को इन बिल्डिंग में फीस लेकर रहने की जगह दी जाती है, लेकिन उनकी सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं लेता. हादसे के बाद से बच्चों के परिवार देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं और उनसे संपर्क न होने के कारण वे दहशत में हैं.

इस हादसे ने दिल्ली को हिलाकर रख दिया है. जब देश की राजधानी में इतना बड़ा हादसा होता है, तो यह न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि प्रशासन के पब्लिक सेफ्टी सिस्टम पर भी सवाल खड़े करता है.

गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज

दिल्ली पुलिस ने साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में बिल्डिंग मालिक हरिराम और दूसरों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, बिल्डिंग के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है. पुलिस ने कहा, “बिल्डिंग का इस्तेमाल पेइंग गेस्ट (PG) रहने की जगह के तौर पर किया जा रहा था. आरोप है कि ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे यह गिर गई. आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं.”

मलबे में ज़िंदा लोगों को ढूंढ रही है रेस्क्यू टीम

जब बचाव दल मलबा हटा रहे थे और बचाव अभियान चला रहे थे, तो स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने भी इस मुश्किल काम में मदद की, लोगों को बचाने की कोशिश की. उन्होंने अपने नंगे हाथों और मौजूद औजारों का इस्तेमाल करके मलबे में फंसे लोगों को ढूंढना शुरू किया. NDRF की दो टीमें, जिनमें 70 लोग और एक डॉग स्क्वायड है, मलबे में ज़िंदा लोगों को ढूंढ रही हैं.

ज़िंदा लोगों के लिए मलबे के नीचे ऑक्सीजन सिलेंडर

NDRF के एक अधिकारी ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों को सांस लेने में मदद करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नीचे उतारे गए हैं. मौके पर फायर इंजन भी तैनात किए गए हैं. दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), डिस्ट्रिक्ट डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA), दिल्ली नगर निगम, CAT और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई थीं.

जांच के आदेश

हादसे की कुछ डरावनी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं जो किसी को भी हिला देने के लिए काफी हैं. मलबे में फंसे कुछ स्टूडेंट्स अपने मोबाइल फोन पर मदद के लिए पुकारते दिखे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.

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