दूध से भी ज्यादा कैल्शियम देते हैं ये 6 देसी फूड्स, हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए डाइट में करें शामिल
Calcium rich foods: मजबूत हड्डियों की बात आते ही सबसे पहले दूध का नाम लिया जाता है. लेकिन कैल्शियम पाने के लिए सिर्फ दूध पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. भारतीय रसोई में मौजूद कई पारंपरिक खाद्य पदार्थ भी कैल्शियम से भरपूर होते हैं. तिल से लेकर रागी, राजगीरा और राजमा तक, जानिए ऐसे 6 देसी फूड्स के बारे में जिन्हें अपनी डाइट में शामिल करके कैल्शियम का सेवन बढ़ाया जा सकता है.
सिर्फ दूध ही नहीं, ये 6 देसी चीजें भी हैं कैल्शियम का खजाना
बचपन से हमें बताया जाता है कि मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए रोज दूध पीना जरूरी है. दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत जरूर है, लेकिन अगर आपको दूध पसंद नहीं है, लैक्टोज इनटॉलरेंस है या आप अपनी डाइट में कुछ नए और पौष्टिक विकल्प शामिल करना चाहते हैं, तो भारतीय रसोई में कई विकल्प मौजूद हैं. तिल, रागी, राजगीरा, सहजन के पत्ते, अंजीर और राजमा जैसे खाद्य पदार्थ कैल्शियम के अच्छे स्रोत हो सकते हैं.
उम्र बढ़ने के साथ क्यों जरूरी है कैल्शियम?
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व और मजबूती प्रभावित हो सकती है. कैल्शियम हड्डियों और दांतों के निर्माण और उन्हें मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. आमतौर पर 100 ग्राम दूध में करीब 125 मिलीग्राम कैल्शियम बताया जाता है, लेकिन कुछ पारंपरिक खाद्य पदार्थों में इससे काफी ज्यादा कैल्शियम पाया जा सकता है. हालांकि, हड्डियों की सेहत के लिए सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि विटामिन डी, पर्याप्त प्रोटीन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी हैं.
तिल में छिपा है कैल्शियम का खजाना
तिल को कैल्शियम के बेहतरीन देसी स्रोतों में शामिल किया जाता है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 100 ग्राम बिना छिले तिल में करीब 975 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है. इसमें मैग्नीशियम भी मौजूद होता है. तिल को चटनी, लड्डू, सब्जी, सलाद या रोटी में मिलाकर डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है. हालांकि, तिल कैलोरी से भरपूर भी होता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है.
रागी को कहा जाता है कैल्शियम का पावरहाउस
रागी यानी मड़ुआ भारतीय खान-पान में इस्तेमाल होने वाला पौष्टिक अनाज है. 100 ग्राम रागी में करीब 344 मिलीग्राम कैल्शियम बताया जाता है. यही वजह है कि इसे हड्डियों की सेहत के लिए उपयोगी अनाज माना जाता है. रागी को सिर्फ रोटी के रूप में ही नहीं, बल्कि दलिया, डोसा, चीला और दूसरे व्यंजनों में भी शामिल किया जा सकता है. इससे डाइट में विविधता भी आती है और पौष्टिकता भी बढ़ती है.
राजगीरा देगा कैल्शियम के साथ दूसरे पोषक तत्व
राजगीरा भी पारंपरिक भारतीय आहार का हिस्सा रहा है. 100 ग्राम राजगीरा में करीब 215 मिलीग्राम कैल्शियम बताया जाता है. इसमें फॉस्फोरस और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. व्रत के दौरान राजगीरे के आटे का इस्तेमाल काफी आम है. इसकी रोटी, लड्डू और अन्य व्यंजन बनाए जा सकते हैं. नियमित भोजन में इसे अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार शामिल किया जा सकता है.
सहजन के पत्ते भी हैं कैल्शियम से भरपूर
सहजन यानी मोरिंगा के पत्ते भी पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं. दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम ताजे सहजन के पत्तों में करीब 185 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है. इनमें विटामिन सी समेत कई अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. सहजन के पत्तों को सब्जी, सूप, दाल या पराठे में मिलाकर खाया जा सकता है. इस तरह रोजमर्रा के भोजन में एक पौष्टिक हरी सब्जी शामिल की जा सकती है.
मीठा पसंद है तो सूखा अंजीर हो सकता है विकल्प
अगर आपको मीठा खाना पसंद है तो सूखा अंजीर भी कैल्शियम पाने का एक विकल्प हो सकता है. 100 ग्राम सूखे अंजीर में करीब 162 मिलीग्राम कैल्शियम बताया जाता है. इसके अलावा इसमें फाइबर और पोटैशियम भी पाए जाते हैं. इसे सीधे खाया जा सकता है या कुछ लोग इसे पानी में भिगोकर खाना पसंद करते हैं. हालांकि, सूखे फलों में प्राकृतिक शर्करा और कैलोरी अधिक होती है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में खाना बेहतर है.
राजमा में कैल्शियम के साथ प्रोटीन भी
राजमा भारतीय घरों में पसंद किया जाने वाला खाद्य पदार्थ है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 100 ग्राम कच्चे राजमा में करीब 143 मिलीग्राम कैल्शियम होता है. इसके साथ इसमें प्रोटीन, मैग्नीशियम और आयरन भी पाए जाते हैं. राजमा को खाने से पहले अच्छी तरह भिगोना और पूरी तरह पकाना जरूरी है. मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम के साथ पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन डी, नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार को भी महत्व देना चाहिए.