भारतीय क्रिकेट में जब-जब स्पिन गेंदबाजी की बात होती है, तो हमारे पास हुनर की कभी कमी नहीं रही. लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जो सिर्फ विकेट नहीं लेते, बल्कि अपनी गेंदबाजी से टेस्ट क्रिकेट के पुराने दौर की याद दिला देते हैं ऐसा ही एक जादुई स्पिनर इस वक्त इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप में अपनी फिरकी का लोहा मनवा रहा है. आर. साई किशोर. लाल गेंद के इस उस्ताद ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे घरेलू क्रिकेट के सिर्फ एक और स्टार नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए पूरी तरह तपकर तैयार हो चुके हैं. अब गेंद पूरी तरह से सेलेक्टर्स के पाले में है कि वे कब तक इस हुनर को नजरअंदाज करते हैं, क्योंकि साई किशोर ने टेस्ट टीम का दरवाजा खटखटाना नहीं, बल्कि तोड़ना शुरू कर दिया है.
दरअसल, इस बार काउंटी चैंपियनशिप में तमिलनाडु के स्पिनर आर. साई किशोर की फिरकी का ऐसा जादू चला कि विरोधी टीम पस्त हो गई. सीट यूनिक स्टेडियम में ग्लूस्टरशायर की ओर से खेलते हुए साई किशोर ने डरबीशायर की दूसरी पारी को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया. उनकी घातक गेंदबाजी के दम पर ग्लूस्टरशायर ने 213 रन से एकतरफा और बड़ी जीत दर्ज की.
साई किशोर का जादू
जीत के लिए 319 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए डरबीशायर को आखिरी दिन समझदारी और धैर्य से खेलने की जरूरत थी, क्योंकि पिच से स्पिनरों को मदद मिल रही थी. कप्तान ने जैसे ही गेंद साई किशोर को सौंपी, मैच का रुख ही बदल गया. भारतीय स्पिनर ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और फ्लाइट से बल्लेबाजों को बांधकर रखा. लगातार एक ही जगह पर गेंद डालकर उन्होंने ऐसा दबाव बनाया कि बल्लेबाज रन बनाने के बजाय सिर्फ अपना विकेट बचाने के लिए जूझते नजर आए.
Sai Kishore has 5 wickets… from eight overs… for 6 runs!#BecomeGlorious pic.twitter.com/UYppR0WqG7
— Gloucestershire Cricket (@Gloscricket) September 5, 2026
20 रन देकर झटके 5 विकेट
साई किशोर के आंकड़े यह बताने के लिए काफी हैं कि उन्होंने मैच में कितना बड़ा असर डाला. दूसरी पारी में उन्होंने 18 ओवर फेंके, जिनमें से 12 ओवर मेडन रहे. सिर्फ 20 रन खर्च करके उन्होंने डरबीशायर के शीर्ष 6 में से 5 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. मैच के चौथे दिन स्पिनरों का पूरी तरह बोलबाला रहा और डरबीशायर की पूरी टीम महज 105 रन पर सिमट गई. पहली पारी के 2 विकेट मिलाकर साई किशोर ने मैच में कुल 79 रन देकर 7 विकेट हासिल किए.
चयनकर्ताओं से अब तक नहीं मिला मौका
तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी में लगातार ढेर सारे विकेट लेने वाले साई किशोर का इंग्लैंड में यह प्रदर्शन कोई तुक्का नहीं है. लाल गेंद के क्रिकेट में उनके पास गजब की निरंतरता है, फिर भी अब तक चयनकर्ताओं की नजर उन पर नहीं पड़ी है. काउंटी क्रिकेट जैसे दबाव वाले माहौल में ऐसा मैच जिताऊ प्रदर्शन करके उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हैं.