दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग ढहने के बाद एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में मलबे के नीचे दबे एक छात्र जिंदगी और मौत से जूझते एक दर्दनाक वीडियो साझा किया है. तमाम तकलीफों के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और अपने फोन से एक वीडियो बनाकर मदद की गुहार लगाई. छात्र का यह वीडियो देखकर बाहर मौजूद राहत टीम को उम्मीद जगी कि मलबे में दबे लोग जिंदा हैं. बचाव टीम ने कड़ी मेहनत करके ज्यादातर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इस हादसे में अभी तक 7 लोगों की जान चली गई है.
मदद के लिए भेजा भावुक वीडियो
छात्र संगठन NSUI ने इस वीडियो को अपने X (ट्विटर) हैंडल पर शेयर किया है. वीडियो में दिख रहा है कि मलबे के बीच फंसा छात्र अपने फोन का कैमरा घुमाकर वहां का डरावना दृश्य दिखाता है. उसका चेहरा धूल और खून से सना हुआ है. चारों तरफ कंक्रीट के बड़े-बड़े टुकड़े और मलबा बिखरा पड़ा है.
इमारत गिरने के बाद मलबे में दबकर कोई भी इंसान घबरा सकता है, लेकिन इस छात्र ने हिम्मत दिखाई. उसने किसी तरह अपना फोन निकाला और मदद के लिए वीडियो रिकॉर्ड किया. छात्र के इस कदम ने दूसरे फंसे हुए छात्रों को भी हिम्मत दी और उन्होंने भी अपने फोन से बाहर परिजनों को संपर्क किया. इसी उम्मीद के दम पर राहत बचाव कार्य को और तेजी से चलाया जा सका.
हालांकि ये खबर अभी तक सामने नहीं आई है कि जिस छात्र ने यह वीडियो बनाया है क्या उसे बचाया जा सका है या नहीं.
टीम के साथी जो भी आसपास हैं, कृपया तुरंत इसकी मदद करें।
ये अभी ज़िंदा है और आपकी मदद का इंतज़ार कर रहा है।
बिना देरी किए मौके पर पहुँचें और रेस्क्यू टीम को सूचित करे और मदद करें।#SOSNSUI pic.twitter.com/3EOyMmFeyJ
— NSUI (@nsui) September 6, 2026
40 से 50 छात्र मलबे में दबे थे
यह हादसा रविवार 6 सितम्बर दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ. ‘हॉस्टल डेज’ नाम की यह लगभग 30 साल पुरानी इमारत लड़कों के लिए पेइंग-गेस्ट (PG) के रूप में इस्तेमाल हो रही थी. हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, तभी पूरी इमारत भरभराकर गिर गई.
जांच में सामने आया है कि इस इमारत को सिर्फ तीन मंजिल बनाने की इजाजत मिली थी, लेकिन ज्यादा कमाई के लालच में मकान मालिक ने इसे पांच मंजिल का बना दिया था. पुलिस ने मकान मालिक हरिराम और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
तीन कॉलेजों के छात्र रहते थे
इस पांच मंजिला इमारत में 15 कमरे थे और हर कमरे में 2 से 3 छात्र रहते थे. यहां रहने वाले ज्यादातर छात्र केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के थे, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ाई करते थे.
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने चार मंजिल से ऊंची अवैध इमारतों को सील करने का आदेश दिया है. सुरक्षा के तौर पर बगल वाली इमारत को भी खाली कराकर सील कर दिया गया है. लेकिन सवाल यह उठता है कि दिल्ली में चल रही हजारों अवैध इमारतों पर नगर निगम कब और कैसे नकेल कस पाएगा?