MP News: सोशल मीडिया पर आजकल रील का दौर चल रहा है. जिसको देखो वो रील बनाने में लगा हुआ है. कुछ लोग लाइक और फॉलोअर्स के लिए हदें पार कर देते हैं. मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है. ग्वालियर शहर के रहने वाले तथाकथित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राधे गुर्जर ने ग्वालियर किले पर घूमने आई एक रूसी पर्यटक के साथ रील बनाते समय सारी हदों को पार कर दिया.
दरअसल, बताया जा रहा है कि रूसी महिला हिंदी भाषा से बिल्कुल अंजान थी, फिर भी राधे ने उसके साथ अश्लील और भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया. जो कोई भी सभ्य इंसान सुनना पसंद नहीं करेगा.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना ग्वालियर किले की बताई जा रही है, जहां अक्सर विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं. बताया जा रहा है कि राधे गुर्जर ने उस रूसी महिला को अपनी वीडियो रील में शामिल कर लिया. महिला को लगा कि उनके बीच कोई सम्मानजनक बातचीत हो रही है, इसलिए उन्होंने थंब दिखाकर अपनी सहमति दे दी. लेकिन कैमरे के पीछे राधे गुर्जर असल में अश्लील टिप्पणियां कर रहा था. जो न सिर्फ महिला का अपमान था, बल्कि पूरे ग्वालियर शहर को भी शर्मसार कर दिया.
लोगों में भारी गुस्सा
जैसे ही रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई लोगों में भारी गुस्सा भड़क उठा. शहर के लोगों ने इस हरकत की कड़ी निंदा की और इसे भारत की गौरवशाली परंपरा अतिथि देवो भव पर एक हमला बताया. बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो अब पुलिस के बड़े अधिकारियों की नजर में भी आ गया है. सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, ग्वालियर पुलिस ने राधे गुर्जर के खिलाफ मौजूद सबूतों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है.
जांच में जुटी साइबर टीम
इसके अलावा, जानकारी सामने आ रही है कि ग्वालियर पुलिस की साइबर सेल ने राधे गुर्जर के सोशल मीडिया अकाउंट की गहन जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी प्रैंक रील बनाने के बहाने किसी अन्य पर्यटक या महिला के साथ इसी तरह की अभद्रता की है. इस बीच, पर्यटन विभाग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है, क्योंकि ऐसी घटनाओं से विश्व-प्रसिद्ध ग्वालियर किले की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस आरोपी के खिलाफ कानून की गंभीर धाराओं मानहानि और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामता दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि सोशल मीडिया कंटेंट के नाम पर अश्लीलता और गुंडागर्दी फैलाने वालों पर नकेल कसा जा सके.