Live TV
Search
Home > क्रिकेट > Dhoni Raina retirement: ये क्या किया तूने… रैना के संन्यास पर ऐसा था धोनी का रिएक्शन, सालों बाद खोला राज

Dhoni Raina retirement: ये क्या किया तूने… रैना के संन्यास पर ऐसा था धोनी का रिएक्शन, सालों बाद खोला राज

Dhoni Raina retirement: महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना की दोस्ती भारतीय क्रिकेट की सबसे चर्चित दोस्तियों में रही है. 15 अगस्त 2020 को धोनी के संन्यास के कुछ मिनट बाद रैना ने भी क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. अब रैना ने बताया कि उनके फैसले पर धोनी ने हैरानी से कहा था, 'ये क्या किया तूने?' रैना ने यह भी बताया कि धोनी ने उनके करियर को आगे बढ़ाने के लिए अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया था.

Written By:
Last Updated: September 5, 2026 20:02:19 IST

Mobile Ads 1x1

Dhoni Raina retirement: भारतीय क्रिकेट में कई खिलाड़ियों की दोस्ती की मिसाल दी जाती है, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना का रिश्ता अपने आप में खास रहा है. मैदान पर दोनों ने टीम इंडिया के लिए कई यादगार पल दिए तो आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी उनकी जोड़ी ने खूब कमाल किया. यही वजह है कि सीएसके फैंस धोनी को प्यार से ‘थाला’ और रैना को ‘चिन्ना थाला’ कहते हैं. इन दोनों की दोस्ती का सबसे भावुक अध्याय 15 अगस्त 2020 को देखने को मिला. उस दिन धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया और कुछ ही मिनटों बाद सुरेश रैना ने भी क्रिकेट को अलविदा कह दिया. रैना के इस फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया था. अब कई साल बाद उन्होंने बताया है कि आखिर उस दिन उनके और धोनी के बीच क्या बातचीत हुई थी.

रैना के फैसले से खुद हैरान रह गए थे धोनी

पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में सुरेश रैना ने उस दिन की यादें साझा कीं. रैना के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला उनका अपना था. जब उन्होंने अपने फैसले के बारे में धोनी को बताया तो माही भी अचानक चौंक गए. रैना ने बताया कि धोनी ने उनसे हैरानी में कहा था- ‘ये क्या किया तूने?’ रैना के लिए यह फैसला अचानक लिया गया कदम नहीं था. लंबे समय तक देश के लिए खेलने के बाद उन्हें महसूस होने लगा था कि अब क्रिकेट से आगे बढ़ने का समय आ गया है.

परिवार के लिए भी समय देना चाहते थे रैना

रैना ने बताया कि एक क्रिकेटर अपने करियर के दौरान अपना पूरा समय और ऊर्जा खेल को देता है. लेकिन जिंदगी में एक ऐसा पड़ाव भी आता है, जब परिवार को प्राथमिकता देने की जरूरत महसूस होती है. उनके लिए संन्यास का फैसला इसी सोच से जुड़ा था. हालांकि उस समय रैना की उम्र ज्यादा नहीं थी और उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी माना जा रहा था, इसलिए उनके अचानक संन्यास ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया.

एक ही कैंप में थे धोनी और रैना

धोनी और रैना के संन्यास की कहानी इसलिए भी खास बन गई क्योंकि दोनों उस वक्त एक ही जगह मौजूद थे. कोरोना महामारी के कारण आईपीएल 2020 का आयोजन यूएई में होना था और चेन्नई सुपर किंग्स का कैंप भी वहीं लगा था. 15 अगस्त 2020 की शाम धोनी ने सोशल मीडिया पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया. इसके कुछ ही मिनट बाद रैना ने भी अपने संन्यास की घोषणा कर दी. क्रिकेट फैंस के लिए यह किसी दोहरे झटके से कम नहीं था. जिस खिलाड़ी ने लंबे समय तक धोनी का साथ दिया, उसने भी उसी दिन अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दे दिया.

रैना के लिए धोनी ने बदली थी अपनी बल्लेबाजी की भूमिका

सुरेश रैना ने धोनी के साथ अपने रिश्ते को सिर्फ दोस्ती तक सीमित नहीं बताया, बल्कि अपने करियर में माही के योगदान को भी याद किया. रैना के मुताबिक, धोनी ने टीम में उनकी बल्लेबाजी को ऊपर लाने के लिए खुद के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया था. सौरव गांगुली की कप्तानी के दौरान धोनी कई बार ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करते थे. लेकिन कप्तान बनने के बाद उन्होंने टीम की जरूरत के हिसाब से अपनी भूमिका बदल ली. रैना ने बताया कि धोनी ने टीम में यह स्पष्ट कर दिया था कि युवराज सिंह और सुरेश रैना को ऊपर बल्लेबाजी करने का मौका मिलेगा, जबकि वह खुद जरूरत के मुताबिक निचले क्रम में उतरेंगे. यही वजह है कि धोनी और रैना की दोस्ती को सिर्फ मैदान के बाहर की दोस्ती नहीं माना जाता. दोनों ने एक-दूसरे के करियर में जिस तरह साथ दिया, वह भारतीय क्रिकेट के यादगार रिश्तों में गिना जाता है.

MORE NEWS

Home > क्रिकेट > Dhoni Raina retirement: ये क्या किया तूने… रैना के संन्यास पर ऐसा था धोनी का रिएक्शन, सालों बाद खोला राज

Written By:
Last Updated: September 5, 2026 20:02:19 IST

Mobile Ads 1x1

Dhoni Raina retirement: भारतीय क्रिकेट में कई खिलाड़ियों की दोस्ती की मिसाल दी जाती है, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना का रिश्ता अपने आप में खास रहा है. मैदान पर दोनों ने टीम इंडिया के लिए कई यादगार पल दिए तो आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी उनकी जोड़ी ने खूब कमाल किया. यही वजह है कि सीएसके फैंस धोनी को प्यार से ‘थाला’ और रैना को ‘चिन्ना थाला’ कहते हैं. इन दोनों की दोस्ती का सबसे भावुक अध्याय 15 अगस्त 2020 को देखने को मिला. उस दिन धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया और कुछ ही मिनटों बाद सुरेश रैना ने भी क्रिकेट को अलविदा कह दिया. रैना के इस फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया था. अब कई साल बाद उन्होंने बताया है कि आखिर उस दिन उनके और धोनी के बीच क्या बातचीत हुई थी.

रैना के फैसले से खुद हैरान रह गए थे धोनी

पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में सुरेश रैना ने उस दिन की यादें साझा कीं. रैना के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला उनका अपना था. जब उन्होंने अपने फैसले के बारे में धोनी को बताया तो माही भी अचानक चौंक गए. रैना ने बताया कि धोनी ने उनसे हैरानी में कहा था- ‘ये क्या किया तूने?’ रैना के लिए यह फैसला अचानक लिया गया कदम नहीं था. लंबे समय तक देश के लिए खेलने के बाद उन्हें महसूस होने लगा था कि अब क्रिकेट से आगे बढ़ने का समय आ गया है.

परिवार के लिए भी समय देना चाहते थे रैना

रैना ने बताया कि एक क्रिकेटर अपने करियर के दौरान अपना पूरा समय और ऊर्जा खेल को देता है. लेकिन जिंदगी में एक ऐसा पड़ाव भी आता है, जब परिवार को प्राथमिकता देने की जरूरत महसूस होती है. उनके लिए संन्यास का फैसला इसी सोच से जुड़ा था. हालांकि उस समय रैना की उम्र ज्यादा नहीं थी और उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी माना जा रहा था, इसलिए उनके अचानक संन्यास ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया.

एक ही कैंप में थे धोनी और रैना

धोनी और रैना के संन्यास की कहानी इसलिए भी खास बन गई क्योंकि दोनों उस वक्त एक ही जगह मौजूद थे. कोरोना महामारी के कारण आईपीएल 2020 का आयोजन यूएई में होना था और चेन्नई सुपर किंग्स का कैंप भी वहीं लगा था. 15 अगस्त 2020 की शाम धोनी ने सोशल मीडिया पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया. इसके कुछ ही मिनट बाद रैना ने भी अपने संन्यास की घोषणा कर दी. क्रिकेट फैंस के लिए यह किसी दोहरे झटके से कम नहीं था. जिस खिलाड़ी ने लंबे समय तक धोनी का साथ दिया, उसने भी उसी दिन अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दे दिया.

रैना के लिए धोनी ने बदली थी अपनी बल्लेबाजी की भूमिका

सुरेश रैना ने धोनी के साथ अपने रिश्ते को सिर्फ दोस्ती तक सीमित नहीं बताया, बल्कि अपने करियर में माही के योगदान को भी याद किया. रैना के मुताबिक, धोनी ने टीम में उनकी बल्लेबाजी को ऊपर लाने के लिए खुद के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया था. सौरव गांगुली की कप्तानी के दौरान धोनी कई बार ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करते थे. लेकिन कप्तान बनने के बाद उन्होंने टीम की जरूरत के हिसाब से अपनी भूमिका बदल ली. रैना ने बताया कि धोनी ने टीम में यह स्पष्ट कर दिया था कि युवराज सिंह और सुरेश रैना को ऊपर बल्लेबाजी करने का मौका मिलेगा, जबकि वह खुद जरूरत के मुताबिक निचले क्रम में उतरेंगे. यही वजह है कि धोनी और रैना की दोस्ती को सिर्फ मैदान के बाहर की दोस्ती नहीं माना जाता. दोनों ने एक-दूसरे के करियर में जिस तरह साथ दिया, वह भारतीय क्रिकेट के यादगार रिश्तों में गिना जाता है.

MORE NEWS