Hyderabad Suicide Case: हैदराबाद में कर्ज वसूली के दबाव से परेशान एक 43 वर्षीय शख्स की मौत का मामला सामने आया है. मिसरीगंज इलाके के रहने वाले मोहम्मद राशेद रजवी 31 अगस्त 2026 को अचानक लापता हो गए थे. परिवार ने शाहअलीबंडा थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद उनका एक वीडियो सामने आया, जिसे उन्होंने लापता होने से पहले रिकॉर्ड किया था. में राशेद ने जाकेर नाम के एक निजी फाइनेंसर पर गंभीर आरोप लगाए थे. परिवार का दावा है कि राशेद ने पुराना कर्ज चुका दिया था, इसके बावजूद उनसे 5 लाख रुपये और मांगे जा रहे थे. परिवार के मुताबिक, लगातार दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान थे.
लापता होने से पहले बनाया वीडियो
राशेद के लापता होने के बाद परिवार को उनका बनाया हुआ वीडियो मिला. बताया जा रहा है कि इस वीडियो में उन्होंने कर्ज और कथित वसूली के दबाव का जिक्र किया था. उन्होंने जाकेर नाम के फाइनेंसर पर परेशान करने का आरोप लगाया. परिवार का कहना है कि राशेद ने कर्ज की रकम चुकाने के बावजूद अतिरिक्त 5 लाख रुपये मांगे जाने की बात कही थी. वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस से इस पहलू की भी जांच करने की मांग की.
जलपल्ली झील में शुरू हुई तलाश
राशेद के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. जांच के दौरान उनके झील में कूदने की आशंका सामने आई, जिसके बाद जलपल्ली झील में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. पुलिस ने एनडीआरएफ की मदद से झील में तलाश की, लेकिन रात होने के कारण उस समय राशेद का पता नहीं चल सका. करीब तीन दिन बाद 3 सितंबर को उनका शव झील से बरामद किया गया. शव बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे झील से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया. पहाड़ी शरीफ पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में 31 अगस्त को शाहअलीबंडा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई थी. शव मिलने के बाद पुलिस ने BNSS की धारा 194 के तहत संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया है. अब पुलिस मौत के कारण और इससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
परिवार ने वीडियो को बताया अहम सबूत
राशेद के परिवार का कहना है कि उनके द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो जांच में महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है. परिवार चाहता है कि वीडियो में फाइनेंसर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाए. परिजनों ने राशेद के बैंक लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड और फाइनेंसर के साथ हुई बातचीत की जानकारी खंगालने की मांग की है. परिवार को आशंका है कि इस मौत को सिर्फ आर्थिक परेशानी का मामला मानकर जांच सीमित नहीं की जानी चाहिए.
फाइनेंसर पर लगाए आरोपों की भी होगी जांच
पुलिस अब वीडियो समेत मामले से जुड़े दूसरे सबूतों की जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि राशेद और संबंधित फाइनेंसर के बीच वास्तव में किस तरह का लेन-देन हुआ था और क्या उनके ऊपर अतिरिक्त रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था. फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि राशेद की मौत के पीछे कर्ज का दबाव किस हद तक जिम्मेदार था और वीडियो में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है.