Benu Gopal Bangur: देश के सबसे अमीर कारोबारियों की चर्चा होते ही मुकेश अंबानी और गौतम अडानी जैसे नाम सामने आते हैं, लेकिन भारत के अलग-अलग राज्यों में भी ऐसे कई कारोबारी हैं, जिन्होंने दशकों की मेहनत और पारिवारिक विरासत के दम पर हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति खड़ी की है. पश्चिम बंगाल के सबसे अमीर लोगों में शामिल बेनु गोपाल बांगुर भी ऐसी ही शख्सियत हैं. खास बात यह है कि 1931 में जन्मे बांगुर आज करीब 95 साल के हैं और उनकी संपत्ति अरबों डॉलर में बताई जाती है.
95 साल की उम्र में करीब ₹55 हजार करोड़ की संपत्ति
फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, बेनु गोपाल बांगुर की नेटवर्थ करीब 5.8 अरब डॉलर यानी लगभग ₹55 हजार करोड़ बताई गई है. वह लंबे समय से सीमेंट कारोबार से जुड़े हुए हैं और श्री सीमेंट को देश की बड़ी सीमेंट कंपनियों में स्थापित करने में उनकी अहम भूमिका रही है. बांगुर परिवार भारत के पुराने कारोबारी परिवारों में गिना जाता है. कारोबार उन्हें विरासत में जरूर मिला, लेकिन श्री सीमेंट को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया गया, उसमें बेनु गोपाल बांगुर की कारोबारी समझ और फैसलों की बड़ी भूमिका रही.
परिवार में बंटवारा हुआ तो बांगुर के हिस्से आया सीमेंट कारोबार
बांगुर ग्रुप की नींव बेनु गोपाल बांगुर के दादा मुंगी राम बांगुर और उनके भाई राम कूवर बांगुर ने रखी थी. परिवार का कारोबार अलग-अलग हिस्सों में बंटने के बाद 1991 में कारोबार का विभाजन हुआ और सीमेंट कारोबार की जिम्मेदारी बेनु गोपाल बांगुर के हिस्से आई. उन्होंने 1992 में श्री सीमेंट की कमान संभाली और 2002 तक कंपनी के चेयरमैन रहे. बाद में वह चेयरमैन एमेरिटस बने. कलकत्ता विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले बांगुर ने पारिवारिक कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ कंपनी के विस्तार पर भी जोर दिया.
कभी ₹30 का था शेयर, अब हजारों रुपये पर पहुंचा
श्री सीमेंट की तरक्की का अंदाजा उसके शेयर के लंबे सफर से भी लगाया जा सकता है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 6 जुलाई 2001 को कंपनी का शेयर करीब ₹30.30 पर कारोबार कर रहा था. वहीं 3 सितंबर 2026 को बाजार बंद होने के समय शेयर करीब ₹23,895 पर बंद हुआ. इस दौरान कंपनी की बाजार हिस्सेदारी और वैल्यू में भी बड़ा इजाफा हुआ. सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, श्री सीमेंट का मार्केट कैप करीब ₹86,550 करोड़ बताया गया.
₹1 लाख लगाने वाला निवेशक करोड़पति बन गया!
श्री सीमेंट ने सिर्फ बांगुर परिवार की संपत्ति नहीं बढ़ाई, बल्कि लंबे समय तक शेयर रखने वाले निवेशकों को भी जबरदस्त रिटर्न दिया. दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 6 जुलाई 2001 से अब तक कंपनी के शेयर ने करीब 78,760 फीसदी मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. इस हिसाब से अगर किसी निवेशक ने उस समय ₹1 लाख लगाए होते और निवेश को बनाए रखा होता, तो उसकी रकम करीब ₹7.88 करोड़ तक पहुंच जाती. यानी लंबे समय तक निवेश बनाए रखने पर महज ₹1 लाख का निवेश करोड़ों रुपये में बदल सकता था.
श्री सीमेंट के कई ब्रांड बाजार में मौजूद
श्री सीमेंट आज कई ब्रांड के जरिए अपने उत्पादों की बिक्री करता है. कंपनी के प्रमुख ब्रांडों में रूफॉन, बांगुर पावर, श्री जंग रोधक और रॉकस्ट्रांग जैसे नाम शामिल हैं. समय के साथ कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार किया और सीमेंट के साथ-साथ उससे जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत की.
अब अगली पीढ़ी संभाल रही कारोबार की कमान
बेनु गोपाल बांगुर के बाद बांगुर परिवार की अगली पीढ़ी भी कारोबारी विरासत को आगे बढ़ा रही है. 2022 में चेयरमैन पद से हटने के बाद कंपनी की कमान उनके बेटे हरि मोहन और पोते प्रशांत के हाथों में आई. इस तरह करीब एक सदी की उम्र के करीब पहुंच चुके बेनु गोपाल बांगुर की कहानी सिर्फ एक अरबपति कारोबारी की कहानी नहीं है, बल्कि यह भी दिखाती है कि पारिवारिक कारोबार को सही रणनीति के साथ दशकों तक बढ़ाया जाए तो उसकी वैल्यू कई गुना बढ़ सकती है.