Swatantra Bhardwaj: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विवादित मामले को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. दिल्ली पुलिस ने अदालत से उसकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी. मामले की सुनवाई के दौरान स्वतंत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश किया गया. कोर्ट ने कहा कि पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले की आशंका जताई गई थी, जिसके चलते आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया. अब स्वतंत्र भारद्वाज को 21 सितंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रोटेस्ट से जुड़ा है. स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट और अन्य आरोपों के मामले में गिरफ्तार किया गया था. मामला जून में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित हमले से जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के साथ आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी हैं. इसके अलावा नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है.
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
मामले ने उस समय ज्यादा तूल पकड़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक इंटरव्यू सामने आया. इस इंटरव्यू में उन्होंने कथित मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए कहा था, ‘मैंने सिर फोड़ दिया था… क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन-सी धारा लगती है? धारा 307. उसे 60 टांके लगे थे.’ उसके इस बयान के बाद मामला चर्चा में आ गया. इसी कथित हमले को लेकर उसकी गिरफ्तारी की मांग भी उठने लगी. शुक्रवार को उसे बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया. इसके कुछ कुछ घंटे पहले CJP के कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग की थी.
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