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Damit Gehlot: कौन हैं दमित गहलोत, क्यों कर रहे बीकानेर से दिल्ली तक पैदल मार्च? जानें इस अनोखी मुहिम की पूरी कहानी

Who is Damit Gehlot: बीकानेर से दिल्ली तक पैदल मार्च पर निकले दमित गहलोत आखिर कौन हैं और क्यों उन्होंने मिलावटखोरी के खिलाफ यह अनोखी जंग छेड़ी है? जानिए उनकी मांगों और इस पूरी मुहिम से जुड़ी हर जरूरी बात.

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Last Updated: September 5, 2026 19:35:29 IST

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बीकानेर के रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दमित गहलोत इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं. वह खाने-पीने की चीजों में मिलावट और फूड सेफ्टी के गिरते स्तर को लेकर बीकानेर से देश की राजधानी दिल्ली तक पैदल यात्रा कर रहे हैं. दमित गहलोत लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए खाने की गुणवत्ता और मिलावटखोरी का मुद्दा उठाते आ रहे हैं. अब वह इस मुहिम को सिर्फ इंटरनेट तक सीमित न रखकर दिल्ली में संबंधित अधिकारियों के सामने उठाना चाहते हैं.

कौन हैं दमित गहलोत?

दमित गहलोत बीकानेर (राजस्थान) के एक सोशल मीडिया पर्सनालिटी हैं. वह लगातार ऑनलाइन कंटेंट के जरिए खाने-पीने की चीजों में हो रही मिलावट के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं. हालांकि, उनकी व्यक्तिगत जिंदगी, पढ़ाई-लिखाई और पेशेवर करियर के बारे में मुख्यधारा की मीडिया में बहुत ज्यादा प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.

बीकानेर से दिल्ली पैदल मार्च क्यों?

दमित गहलोत की इस पदयात्रा का मुख्य मकसद मिलावटखोरी के खिलाफ देशव्यापी जागरूकता फैलाना और सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग करना है. उनका मानना है कि आम उपभोक्ताओं को जहरीले और मिलावटी खाने से बचाना बेहद जरूरी है. सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर अधिकारियों और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना ही इस मार्च का मकसद है. इस पूरी यात्रा के अपडेट्स और संदेश उनके सोशल मीडिया पेज पर लगातार शेयर किए जा रहे हैं.

दिल्ली पहुंचकर क्या है योजना?

दमित की कोशिश है कि दिल्ली पहुंचकर वह खाद्य सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रालय के सामने अपनी बात रखें. 

  • दोषी कारोबारियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो.
  • बाजार में बिकने वाले खाने के सामान की रेगुलर टेस्टिंग की जाए.
  • फिलहाल केंद्र सरकार के किसी अधिकारी या मंत्री के साथ उनकी किसी आधिकारिक मुलाकात की पुष्टि नहीं हुई है.

दमित गहलोत की मुख्य मांगें क्या हैं?

  • मिलावटी और असुरक्षित खाना बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई हो.
  • बाजार में बिकने वाली चीजों की नियमित और कड़ी जांच (फूड टेस्टिंग) की जाए.
  • मिलावटखोरी में शामिल कंपनियों और दुकानदारों की जवाबदेही तय हो.
  • देश के खाद्य सुरक्षा नियमों (FSSAI मानकों) को सख्ती से लागू किया जाए.
  • आम जनता के बीच शुद्ध और सुरक्षित खान-पान को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चले.

फूड अडल्ट्रेशन (मिलावट) अभियान क्या है?

दमित का यह अभियान पूरी तरह से मिलावट मुक्त भारत और बेहतर खाद्य गुणवत्ता पर आधारित है. वह रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली चीजों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं और दिखाते हैं कि कैसे उपभोक्ता जाने-अनजाने असुरक्षित खाना खा रहे हैं.

भारत में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तय करने का काम ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण’ (FSSAI) करता है. दमित का यह कदम FSSAI के नियमों को और मजबूती से लागू कराने की दिशा में एक प्रयास है.

शुरुआत कैसे हुई

दमित ने कब और क्यों मिलावट के खिलाफ आवाज उठाना शुरू किया, इसका कोई पुराना रिकॉर्ड तो नहीं है, लेकिन उनके पेज ‘Food Reality’ से ही उन्हें पहचान मिली.

सोशल मीडिया हैंडल

दमित गहलोत अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा की मुहिम को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं:

दमित गहलोत इंस्टाग्राम प्रोफाइल: foodreality07

दमित गहलोत फेसबुक अकाउंट: Foodreality07

अब तक का अपडेट

दमित गहलोत का बीकानेर से दिल्ली का पैदल मार्च सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. लोग उनके इस कदम की सराहना कर रहे हैं. उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी ज्यादा जानकारी भले ही सार्वजनिक न हो, लेकिन मिलावट के खिलाफ उनकी यह मुहिम अब एक जमीनी आंदोलन का रूप ले रही है.

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Last Updated: September 5, 2026 19:35:29 IST

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बीकानेर के रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दमित गहलोत इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं. वह खाने-पीने की चीजों में मिलावट और फूड सेफ्टी के गिरते स्तर को लेकर बीकानेर से देश की राजधानी दिल्ली तक पैदल यात्रा कर रहे हैं. दमित गहलोत लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए खाने की गुणवत्ता और मिलावटखोरी का मुद्दा उठाते आ रहे हैं. अब वह इस मुहिम को सिर्फ इंटरनेट तक सीमित न रखकर दिल्ली में संबंधित अधिकारियों के सामने उठाना चाहते हैं.

कौन हैं दमित गहलोत?

दमित गहलोत बीकानेर (राजस्थान) के एक सोशल मीडिया पर्सनालिटी हैं. वह लगातार ऑनलाइन कंटेंट के जरिए खाने-पीने की चीजों में हो रही मिलावट के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं. हालांकि, उनकी व्यक्तिगत जिंदगी, पढ़ाई-लिखाई और पेशेवर करियर के बारे में मुख्यधारा की मीडिया में बहुत ज्यादा प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.

बीकानेर से दिल्ली पैदल मार्च क्यों?

दमित गहलोत की इस पदयात्रा का मुख्य मकसद मिलावटखोरी के खिलाफ देशव्यापी जागरूकता फैलाना और सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग करना है. उनका मानना है कि आम उपभोक्ताओं को जहरीले और मिलावटी खाने से बचाना बेहद जरूरी है. सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर अधिकारियों और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना ही इस मार्च का मकसद है. इस पूरी यात्रा के अपडेट्स और संदेश उनके सोशल मीडिया पेज पर लगातार शेयर किए जा रहे हैं.

दिल्ली पहुंचकर क्या है योजना?

दमित की कोशिश है कि दिल्ली पहुंचकर वह खाद्य सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रालय के सामने अपनी बात रखें. 

  • दोषी कारोबारियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो.
  • बाजार में बिकने वाले खाने के सामान की रेगुलर टेस्टिंग की जाए.
  • फिलहाल केंद्र सरकार के किसी अधिकारी या मंत्री के साथ उनकी किसी आधिकारिक मुलाकात की पुष्टि नहीं हुई है.

दमित गहलोत की मुख्य मांगें क्या हैं?

  • मिलावटी और असुरक्षित खाना बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई हो.
  • बाजार में बिकने वाली चीजों की नियमित और कड़ी जांच (फूड टेस्टिंग) की जाए.
  • मिलावटखोरी में शामिल कंपनियों और दुकानदारों की जवाबदेही तय हो.
  • देश के खाद्य सुरक्षा नियमों (FSSAI मानकों) को सख्ती से लागू किया जाए.
  • आम जनता के बीच शुद्ध और सुरक्षित खान-पान को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चले.

फूड अडल्ट्रेशन (मिलावट) अभियान क्या है?

दमित का यह अभियान पूरी तरह से मिलावट मुक्त भारत और बेहतर खाद्य गुणवत्ता पर आधारित है. वह रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली चीजों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं और दिखाते हैं कि कैसे उपभोक्ता जाने-अनजाने असुरक्षित खाना खा रहे हैं.

भारत में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तय करने का काम ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण’ (FSSAI) करता है. दमित का यह कदम FSSAI के नियमों को और मजबूती से लागू कराने की दिशा में एक प्रयास है.

शुरुआत कैसे हुई

दमित ने कब और क्यों मिलावट के खिलाफ आवाज उठाना शुरू किया, इसका कोई पुराना रिकॉर्ड तो नहीं है, लेकिन उनके पेज ‘Food Reality’ से ही उन्हें पहचान मिली.

सोशल मीडिया हैंडल

दमित गहलोत अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा की मुहिम को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं:

दमित गहलोत इंस्टाग्राम प्रोफाइल: foodreality07

दमित गहलोत फेसबुक अकाउंट: Foodreality07

अब तक का अपडेट

दमित गहलोत का बीकानेर से दिल्ली का पैदल मार्च सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. लोग उनके इस कदम की सराहना कर रहे हैं. उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी ज्यादा जानकारी भले ही सार्वजनिक न हो, लेकिन मिलावट के खिलाफ उनकी यह मुहिम अब एक जमीनी आंदोलन का रूप ले रही है.

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