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Home > विदेश > खिड़की खोलते ही दिखता है पूरा दुबई, बुर्ज खलीफा की 80वीं मंजिल पर कैसी है जिंदगी? भारतीय महिला की लाइफस्टाइल ने खींचा ध्यान

खिड़की खोलते ही दिखता है पूरा दुबई, बुर्ज खलीफा की 80वीं मंजिल पर कैसी है जिंदगी? भारतीय महिला की लाइफस्टाइल ने खींचा ध्यान

80th floor of Burj Khalifa: बुर्ज खलीफा की 80वीं मंजिल पर रहने वाली भारतीय शुभ्रा भारद्वाज के घर का नजारा बेहद खास है. इतनी ऊंचाई से दिन में दुबई की सड़कें और इमारतें तो रात में जगमगाता स्काईलाइन दिखाई देता है. यहां रहने वालों को तेज रफ्तार लिफ्ट और दुबई मॉल तक सीधी पहुंच जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं.

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Last Updated: September 5, 2026 17:58:18 IST

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80th floor of Burj Khalifa: दुबई की पहचान उसकी चमचमाती इमारतों, चौड़ी सड़कों और रात में जगमगाते स्काईलाइन से होती है. जमीन से देखने पर बुर्ज खलीफा खुद किसी अजूबे से कम नहीं लगता, लेकिन जरा सोचिए कि अगर इसी गगनचुंबी इमारत की 80वीं मंजिल पर आपका घर हो तो रोज सुबह और रात में खिड़की से बाहर देखने पर कैसा नजारा दिखाई देता होगा. भारत की शुभ्रा भारद्वाज की जिंदगी कुछ ऐसी ही है, जिनका घर दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल बुर्ज खलीफा की 80वीं मंजिल पर है.

80वीं मंजिल से रोज दिखता है दुबई का बदलता चेहरा

अप्रैल 2025 में शुभ्रा भारद्वाज के घर का होम टूर ‘फाइनेंस विद शरण’ के यूट्यूब चैनल पर सामने आया था. इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ने भी उनके घर और जिंदगी को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की. इस घर की सबसे खास बात सिर्फ इसकी ऊंचाई नहीं, बल्कि यहां से दिखाई देने वाला दुबई का शानदार नजारा है. दिन के समय 80वीं मंजिल से नीचे फैली सड़कें, गाड़ियां और ऊंची इमारतों का विशाल नेटवर्क दिखाई देता है. वहीं शाम होते-होते आसमान के रंग बदलते हैं और रात में रोशनी से जगमगाता पूरा शहर किसी विशाल चमकते नक्शे जैसा नजर आता है.

नीचे शोर-शराबा, ऊपर से बेहद शांत दिखता है शहर

जमीन पर खड़े होकर दुबई को देखने और इतनी ऊंचाई से शहर को देखने में बड़ा फर्क महसूस होता है. नीचे लगातार दौड़ती गाड़ियां, लोगों की आवाजाही और शहर की हलचल दिखाई देती है, लेकिन 80वीं मंजिल से यही सब काफी दूर और शांत नजर आता है. यानी जिस दुबई को लोग घूमने और देखने के लिए आते हैं, शुभ्रा के लिए वही शानदार स्काईलाइन उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा है. सुबह खिड़की खोलते ही शहर का नजारा और रात में हजारों रोशनियों से जगमगाता दुबई उनके घर से ही दिखाई देता है.

घर से निकलना भी है खास अनुभव

बुर्ज खलीफा में रहना सिर्फ ऊंचाई की वजह से खास नहीं है. इतनी ऊंची इमारत में रोजमर्रा की आवाजाही का अनुभव भी सामान्य अपार्टमेंट से बिल्कुल अलग होता है. गूगल के बुर्ज खलीफा स्ट्रीट व्यू के मुताबिक, यहां की लिफ्ट करीब 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. ऐसे में 80वीं मंजिल पर रहने वाले व्यक्ति के लिए घर से नीचे आना-जाना भी अपनी तरह का अनोखा अनुभव है. बुर्ज खलीफा में रहने वालों को मिलने वाली सुविधाएं भी इसे खास बनाती हैं. ईमार की जानकारी के मुताबिक, इमारत से दुबई मॉल तक सीधे पहुंच उपलब्ध है. इसका मतलब है कि दुनिया के सबसे बड़े शॉपिंग और एंटरटेनमेंट डेस्टिनेशन में शामिल दुबई मॉल तक पहुंचने के लिए हर बार सामान्य तरीके से सड़क पर निकलने की जरूरत नहीं पड़ती.

तेज हवाओं के बीच भी सुरक्षित है आसमानी घर

इतनी ऊंचाई पर रहने के साथ एक बड़ा सवाल हवा को लेकर भी उठता है. बुर्ज खलीफा को तेज हवाओं के दबाव को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इसकी खास वाई-आकार की संरचना हवा के दबाव को कम करने में मदद करती है. ऊंचाई पर इमारत का हल्का-सा हिलना भी असामान्य नहीं माना जाता, बल्कि यह ऊंची इमारतों के डिजाइन का हिस्सा हो सकता है. इसलिए बाहर तेज हवा चलने के बावजूद अंदर रहने वाले व्यक्ति को किसी खुले स्थान की तरह हवा के थपेड़े महसूस नहीं होते.

हवा और नजारे, दोनों जमीन से बिल्कुल अलग

इतनी ऊंचाई पर रहने का एक दिलचस्प पहलू हवा भी है. जमीन के करीब वाहनों, सड़क की धूल और स्थानीय गतिविधियों से निकलने वाले प्रदूषक सीधे आसपास की हवा को प्रभावित कर सकते हैं. ऊंचाई बढ़ने के साथ हवा का मिश्रण और प्रदूषकों का फैलाव बदलता है, इसलिए ऊंची मंजिल पर हवा की स्थिति जमीन के स्तर से अलग हो सकती है. लेकिन इस घर की सबसे बड़ी खासियत फिर भी इसका नजारा है. सुबह खिड़की से नीचे फैला दुबई, शाम को बदलता आसमान और रात में चमकती हजारों रोशनियां—यह सब किसी होटल में एक रात ठहरने का अनुभव नहीं, बल्कि रोज की जिंदगी का हिस्सा है.

आसमान में बसा घर, जहां दुबई दिखता है छोटा

बुर्ज खलीफा की 80वीं मंजिल पर रहने का अनुभव इस बात का एहसास कराता है कि ऊंचाई बदलते ही शहर को देखने का नजरिया भी बदल जाता है. जिस दुबई की चमक जमीन से लोगों को आकर्षित करती है, वही शहर इतनी ऊंचाई से बेहद अलग और किसी विशाल रोशन तस्वीर जैसा दिखाई देता है.

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Last Updated: September 5, 2026 17:58:18 IST

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80th floor of Burj Khalifa: दुबई की पहचान उसकी चमचमाती इमारतों, चौड़ी सड़कों और रात में जगमगाते स्काईलाइन से होती है. जमीन से देखने पर बुर्ज खलीफा खुद किसी अजूबे से कम नहीं लगता, लेकिन जरा सोचिए कि अगर इसी गगनचुंबी इमारत की 80वीं मंजिल पर आपका घर हो तो रोज सुबह और रात में खिड़की से बाहर देखने पर कैसा नजारा दिखाई देता होगा. भारत की शुभ्रा भारद्वाज की जिंदगी कुछ ऐसी ही है, जिनका घर दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल बुर्ज खलीफा की 80वीं मंजिल पर है.

80वीं मंजिल से रोज दिखता है दुबई का बदलता चेहरा

अप्रैल 2025 में शुभ्रा भारद्वाज के घर का होम टूर ‘फाइनेंस विद शरण’ के यूट्यूब चैनल पर सामने आया था. इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ने भी उनके घर और जिंदगी को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की. इस घर की सबसे खास बात सिर्फ इसकी ऊंचाई नहीं, बल्कि यहां से दिखाई देने वाला दुबई का शानदार नजारा है. दिन के समय 80वीं मंजिल से नीचे फैली सड़कें, गाड़ियां और ऊंची इमारतों का विशाल नेटवर्क दिखाई देता है. वहीं शाम होते-होते आसमान के रंग बदलते हैं और रात में रोशनी से जगमगाता पूरा शहर किसी विशाल चमकते नक्शे जैसा नजर आता है.

नीचे शोर-शराबा, ऊपर से बेहद शांत दिखता है शहर

जमीन पर खड़े होकर दुबई को देखने और इतनी ऊंचाई से शहर को देखने में बड़ा फर्क महसूस होता है. नीचे लगातार दौड़ती गाड़ियां, लोगों की आवाजाही और शहर की हलचल दिखाई देती है, लेकिन 80वीं मंजिल से यही सब काफी दूर और शांत नजर आता है. यानी जिस दुबई को लोग घूमने और देखने के लिए आते हैं, शुभ्रा के लिए वही शानदार स्काईलाइन उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा है. सुबह खिड़की खोलते ही शहर का नजारा और रात में हजारों रोशनियों से जगमगाता दुबई उनके घर से ही दिखाई देता है.

घर से निकलना भी है खास अनुभव

बुर्ज खलीफा में रहना सिर्फ ऊंचाई की वजह से खास नहीं है. इतनी ऊंची इमारत में रोजमर्रा की आवाजाही का अनुभव भी सामान्य अपार्टमेंट से बिल्कुल अलग होता है. गूगल के बुर्ज खलीफा स्ट्रीट व्यू के मुताबिक, यहां की लिफ्ट करीब 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. ऐसे में 80वीं मंजिल पर रहने वाले व्यक्ति के लिए घर से नीचे आना-जाना भी अपनी तरह का अनोखा अनुभव है. बुर्ज खलीफा में रहने वालों को मिलने वाली सुविधाएं भी इसे खास बनाती हैं. ईमार की जानकारी के मुताबिक, इमारत से दुबई मॉल तक सीधे पहुंच उपलब्ध है. इसका मतलब है कि दुनिया के सबसे बड़े शॉपिंग और एंटरटेनमेंट डेस्टिनेशन में शामिल दुबई मॉल तक पहुंचने के लिए हर बार सामान्य तरीके से सड़क पर निकलने की जरूरत नहीं पड़ती.

तेज हवाओं के बीच भी सुरक्षित है आसमानी घर

इतनी ऊंचाई पर रहने के साथ एक बड़ा सवाल हवा को लेकर भी उठता है. बुर्ज खलीफा को तेज हवाओं के दबाव को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इसकी खास वाई-आकार की संरचना हवा के दबाव को कम करने में मदद करती है. ऊंचाई पर इमारत का हल्का-सा हिलना भी असामान्य नहीं माना जाता, बल्कि यह ऊंची इमारतों के डिजाइन का हिस्सा हो सकता है. इसलिए बाहर तेज हवा चलने के बावजूद अंदर रहने वाले व्यक्ति को किसी खुले स्थान की तरह हवा के थपेड़े महसूस नहीं होते.

हवा और नजारे, दोनों जमीन से बिल्कुल अलग

इतनी ऊंचाई पर रहने का एक दिलचस्प पहलू हवा भी है. जमीन के करीब वाहनों, सड़क की धूल और स्थानीय गतिविधियों से निकलने वाले प्रदूषक सीधे आसपास की हवा को प्रभावित कर सकते हैं. ऊंचाई बढ़ने के साथ हवा का मिश्रण और प्रदूषकों का फैलाव बदलता है, इसलिए ऊंची मंजिल पर हवा की स्थिति जमीन के स्तर से अलग हो सकती है. लेकिन इस घर की सबसे बड़ी खासियत फिर भी इसका नजारा है. सुबह खिड़की से नीचे फैला दुबई, शाम को बदलता आसमान और रात में चमकती हजारों रोशनियां—यह सब किसी होटल में एक रात ठहरने का अनुभव नहीं, बल्कि रोज की जिंदगी का हिस्सा है.

आसमान में बसा घर, जहां दुबई दिखता है छोटा

बुर्ज खलीफा की 80वीं मंजिल पर रहने का अनुभव इस बात का एहसास कराता है कि ऊंचाई बदलते ही शहर को देखने का नजरिया भी बदल जाता है. जिस दुबई की चमक जमीन से लोगों को आकर्षित करती है, वही शहर इतनी ऊंचाई से बेहद अलग और किसी विशाल रोशन तस्वीर जैसा दिखाई देता है.

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