Satya Niketan PG Ka Malik Kaun Hai | Who Is Satya Niketan Building Owner : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंज़िला इमारत अचानक गिर गई, जिससे कुछ ही सेकंड में बिल्डिंग कंक्रीट और मलबे के बड़े ढेर में बदल गई. जानकारी के मुताबिक, यह इमारत करीब 40-50 साल पुरानी थी और इसका इस्तेमाल हॉस्टल डेज नाम के लड़कों के PG के तौर पर किया जा रहा था. बिल्डिंग गिरने से कई स्टूडेंट्स मलबे में फंस गए, जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और भारी कंक्रीट के नीचे दबे लोगों को ढूंढने और निकालने की कोशिश शुरू कर दी. इस दुखद घटना में कम से कम छह स्टूडेंट्स की मौत हो गई है. मौतों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है.
PG मालिक के खिलाफ FIR (Who Is Anand Bansal)
इस घटना ने बिल्डिंग की हालत, PG रहने की जगह के तौर पर इसके इस्तेमाल और ज़रूरी सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था या नहीं, इस पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिसमें गुड़गांव के रहने वाले आनंद बंसल और हरि राम बंसल के नाम पहली नजर में सामने आए हैं. हालांकि, अधिकारी मालिकाना हक के रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच चल रही है. मालिक और दूसरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 290 (बिल्डिंग को गिराने, मरम्मत करने या बनाने में लापरवाही) और 125-A (दूसरों की जान या निजी सुरक्षा को खतरे में डालने वाले काम) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
CM ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे वाली जगह का दौरा किया और बाद में बचाए गए लोगों की हालत का जायजा लेने के लिए AIIMS ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों से मिलीं. उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. सरकार घायलों के परिवारों के संपर्क में है और जरूरी मदद दे रही है.
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घटना ने किए कई सवाल खड़े
इस घटना ने एक और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिल्डिंग की हालत को लेकर चिंता की वजह से इसे करीब एक साल पहले गिरा दिया गया था. इसके बावजूद, खबर है कि स्टूडेंट्स वहां रह रहे थे. इससे यह सवाल उठता है कि बिल्डिंग को PG के तौर पर चलाने की इजाज़त कैसे दी गई और क्या जरूरी सेफ्टी इंस्पेक्शन किए गए थे. इस घटना से दिल्ली में पॉलिटिकल टकराव शुरू हो गया है, आम आदमी पार्टी (AAP) ने सरकार और दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) पर एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही और करप्शन का आरोप लगाया है.